बिहार में शराबबंदी कानून (Bihar Sharabbandi) को लेकर सियासत एक बार फिर उफान पर है। राष्ट्रीय जनता दल के विधान परिषद सदस्य सुनील सिंह के सनसनीखेज दावों और सत्तापक्ष की तीखी प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को राजनीतिक, प्रशासनिक और नैतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। होली के दौरान कथित तौर पर 200 ट्रक शराब की खेप बिहार और पटना पहुंचने का दावा कर उन्होंने सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, भाजपा विधायक विनय बिहारी ने भी शराबबंदी कानून की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए इसे जनमत के जरिए परखने की मांग की है। दूसरी ओर, बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने खुली चुनौती देते हुए कहा है कि यदि किसी में हिम्मत है तो विधानसभा परिसर में शराब की डिलीवरी करके दिखाए, सीधे जेल भेज दिया जाएगा।
सुनील सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य में प्रभावशाली इलाकों में शाम ढलते ही शराब की बोतलें खुलती हैं और यह सब प्रशासन की जानकारी में होता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वह नामों का खुलासा करें तो उनकी जान को खतरा हो सकता है। होली के मौके पर 200 ट्रक शराब की खेप पहुंचने का दावा करते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था और निगरानी तंत्र की साख पर सवाल उठाया। साथ ही शेखपुरा में राजा सिंह की हत्या का जिक्र कर राजनीतिक संरक्षण और अपराध के रिश्तों की ओर इशारा किया, हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिया।
लौरिया BJP विधायक विनय बिहारी ने शराबबंदी को फेल बताया: या तो सख्ती से लागू हो, या पूरी तरह खत्म!
इस बयानबाज़ी के बीच भाजपा विधायक विनय बिहारी ने शराबबंदी कानून को विफल बताते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन की जानकारी में शराब की बिक्री हो रही है। उनका कहना है कि जनता इस कानून से संतुष्ट नहीं है और सरकार को चाहिए कि वह विधायकों के बीच मतदान कराए, जिससे वास्तविक स्थिति सामने आ सके। उन्होंने सुनील सिंह के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि वह ठीक कह रहे हैं, बिक रही है तभी तो कह रहे हैं। उन्होंने पर्यावरण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि एक ओर पर्यावरण संरक्षण की बात होती है, दूसरी ओर हजारों लीटर जब्त शराब को जमीन में बहाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासनिक तंत्र पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिले के एसपी से ज्यादा कमाई दरोगा कर रहे हैं, जिससे सिस्टम पर भरोसा कमजोर होता है।
विवाद तब और तीखा हो गया जब बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने सुनील सिंह को सीधी चुनौती दे डाली। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा कैंपस में शराब की डिलीवरी हो जाती है तो संबंधित व्यक्ति को तत्काल जेल भेज दिया जाएगा। उनका तर्क है कि अगर कहीं भी शराब की बिक्री हो रही है तो हेल्पलाइन पर सूचना दी जाए, कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एनडीए राज्यसभा की पांचों सीटें जीतने का दावा करता है और पार्टी का जो भी निर्णय होगा, सभी नेता उसका पालन करेंगे।
विधान परिषद के जदयू के सदस्य और प्रमुख प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि सुनील कुमार सिंह जो राष्ट्रीय जनता दल के विधान परिषद के सदस्य हैं हिम्मत है तो शराब मंगाइए और शराब मनाने के बाद यह बताइए कि किस जेल में रहिएगा। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव तो होटवार जेल में गए थे आप किस जेल में रहेंगे इसका फैसला हम लोग कर लेंगे। नीरज कुमार ने यह भी कहा कि शराबबंदी कानून सभी लोगों के लिए है, सिर्फ सरकार का यह नहीं है। सभी लोगों ने संकल्प लिया है और सभी लोग उसको पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर हिम्मत है शराबबंदी कानून खत्म करने कार्य समीक्षा का तो जो लोग भी चाहते हैं सदस्य तो अपने पूरे परिवार के साथ एफिडेविट दें और एफिडेविट को सार्वजनिक करें हिम्मत अगर है तो यह करके देखें।






















