बिहार सरकार ने राज्य के श्रमिक वर्ग को ऐतिहासिक तोहफ़ा देने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में श्रम संसाधन विभाग से निबंधित श्रमिकों को पहली बार उनके वस्त्र या पोशाक खरीदने के लिए प्रतिवर्ष पाँच–पाँच हजार रुपए सीधे बैंक खातों में भेजे जाएंगे। बुधवार को श्रमिक कल्याण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस योजना का शुभारंभ करेंगे और पहले चरण में 16 लाख 4 हज़ार 929 निबंधित श्रमिकों को इसका लाभ मिलेगा। इसके लिए राज्य सरकार लगभग 802 करोड़ रुपए खर्च करेगी।
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श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह ने बताया कि यह योजना केवल एकबारगी नहीं है, बल्कि अब हर साल श्रमिकों को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक कदम राज्य के श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारने में मील का पत्थर साबित होगा। विभाग के सचिव दीपक आनंद ने सभी जिला अधिकारियों को पत्र लिखकर श्रमिक कल्याण दिवस पर जिला मुख्यालयों में कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश भी दिया है।
सात दशक बाद लागू हुई पुरानी योजना
मंत्री सिंह ने स्पष्ट किया कि इस योजना का पूरा खर्च भवन निर्माण कार्यों पर लगने वाले एक प्रतिशत भवन सेस से पूरा होगा। वर्तमान में विभाग के पास इस मद में लगभग 3,000 करोड़ रुपए की उपलब्धता है। गौरतलब है कि इस योजना का प्रावधान स्वतंत्रता के तुरंत बाद 1949 में किया गया था, लेकिन 70 वर्षों से अधिक समय तक इसे लागू नहीं किया गया। मंत्री ने बताया कि विभाग का कार्यभार संभालने के बाद जब उन्हें इस योजना की जानकारी मिली तो इसे तुरंत लागू करने का निर्णय लिया गया, ताकि श्रमिकों को पहली बार पोशाक मद में सीधी आर्थिक सहायता दी जा सके।
अगले वर्ष से सभी 34 लाख श्रमिक होंगे लाभान्वित
पिछले एक वर्ष में श्रमिक निबंधन की प्रक्रिया में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। पहले जहाँ केवल 16 लाख श्रमिक निबंधित थे, वहीं अब यह संख्या 34 लाख के करीब पहुँच गई है। सरकारी नियमों के अनुसार किसी भी श्रमिक को निबंधन के एक वर्ष बाद से ही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सकता है। इसलिए इस साल नए निबंधित 17 लाख श्रमिकों को लाभ नहीं मिलेगा, लेकिन अगले वर्ष से सभी 34 लाख श्रमिक इस योजना के दायरे में आ जाएंगे।
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सरकार ने निबंधन की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है, जिससे श्रमिक कभी भी पोर्टल पर जाकर निबंधन करा सकते हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक श्रमिक विभाग से जुड़े और वस्त्र योजना के साथ-साथ स्वास्थ्य, बीमा, शिक्षा और आवास जैसी अन्य योजनाओं का भी लाभ उठाएं।






















