Bihar SIR Controversy: बिहार में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर देश की राजनीति गरमाई हुई है। विपक्ष लगातार संसद में मुद्दा उठा रहा है और सोमवार को दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध मार्च निकालने की कोशिश की गई। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई सांसदों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अब इस मामले पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
चुनाव आयोग को देना चाहिए सार्वजनिक जवाब
प्रशांत किशोर ने कहा कि जब विपक्ष और खुद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तथ्यों के साथ वोटर लिस्ट को लेकर सवाल उठाए हैं, तो चुनाव आयोग की जिम्मेदारी बनती है कि वह साफ-सुथरी जांच कर जनता के सामने अपनी बात रखे। यह सिर्फ राहुल गांधी की बात नहीं है, वो विपक्ष के नेता हैं। अगर पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होगी तो लोकतंत्र की नींव पर सवाल खड़े होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि इतनी बड़ी बात अगर सार्वजनिक रूप से कही जा रही है, तो चुनाव आयोग लंबे समय तक चुप नहीं रह सकता। लोकतंत्र में जवाबदेही आवश्यक है, और जनता सब देख रही है।
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शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोका गया
प्रशांत किशोर ने दिल्ली में हुए विपक्षी मार्च पर कहा, जितना मैंने देखा, विपक्ष के नेता शांतिपूर्ण मार्च कर रहे थे, लेकिन उन्हें रोका गया। असली मुद्दा मार्च नहीं है, मुद्दा है वोटर लिस्ट और वोटिंग प्रक्रिया की विश्वसनीयता का। चुनाव आयोग को अब सामने आकर स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का काम सवाल उठाना है, और ऐसे सवालों को नजरअंदाज करना संस्थाओं की साख को नुकसान पहुंचा सकता है।
गृह मंत्री के बयान ने राहुल गांधी के आरोपों को बल दिया
प्रशांत किशोर ने गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले गृह मंत्री कह रहे थे कि बांग्लादेशी और नेपाली घुसपैठिए देश में घुस आए हैं। अगर केंद्र और राज्य में उन्हीं की सरकार है, तो फिर ये लोग कैसे घुस आए? उन्होंने कैसे पहचान पत्र बनवा लिए और वोटर लिस्ट में नाम दर्ज करवा लिया? उन्होंने कहा कि ये बयान राहुल गांधी के आरोपों को ही और मजबूत करते हैं, क्योंकि वो भी यही कह रहे हैं कि वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है।






















