बिहार में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति की दिशा में बड़ा कदम बढ़ गया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने सोमवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी STET 2025 का परिणाम घोषित कर दिया। इस परिणाम ने न सिर्फ हजारों युवाओं के सपनों को नई दिशा दी है, बल्कि शिक्षा क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बदलते सामाजिक रुझानों को भी सामने रखा है।
इस वर्ष एसटीइटी 2025 में कुल 4,42,214 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 2,56,301 उम्मीदवार सफल घोषित किए गए। कुल मिलाकर सफलता दर 57.96 प्रतिशत रही, जिसे हाल के वर्षों में एक संतुलित और सकारात्मक परिणाम के तौर पर देखा जा रहा है। खास बात यह रही कि सफल अभ्यर्थियों में 1,04,167 महिलाएं शामिल रहीं, जो यह संकेत देता है कि शिक्षक बनने की चाह में महिलाओं की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है।
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बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर के अनुसार, परीक्षार्थी अपना परिणाम समिति की आधिकारिक वेबसाइट bsebstet.org पर यूजर आईडी और पासवर्ड के माध्यम से देख और डाउनलोड कर सकते हैं। परिणाम की घोषणा के साथ ही वेबसाइट पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली, जो यह दर्शाती है कि STET अब बिहार के सबसे चर्चित और ट्रेंडिंग एग्जाम्स में शुमार हो चुका है।
एसटीइटी 2025 का आयोजन पूरी तरह कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी CBT मोड में किया गया था। परीक्षा 14 अक्टूबर से 16 नवंबर 2025 के बीच संपन्न हुई, जिससे पारदर्शिता और तकनीकी विश्वसनीयता को बल मिला। परीक्षा दो चरणों में आयोजित की गई थी, जिसमें पेपर-1 कक्षा 9 और 10 के लिए तथा पेपर-2 कक्षा 11 और 12 के शिक्षकों के लिए था।
पेपर-1 में कुल 2,46,415 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें से 1,54,145 उम्मीदवार सफल हुए और इस स्तर की कुल उत्तीर्णता प्रतिशत 62.56 रही। इस पेपर में 16 विभिन्न विषयों की परीक्षा ली गई थी, जिससे यह साफ है कि माध्यमिक स्तर पर विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की मांग लगातार बढ़ रही है।
वहीं पेपर-2, जो उच्च माध्यमिक स्तर के लिए आयोजित किया गया था, उसमें 1,95,799 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। इनमें से 1,02,156 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की। पेपर-2 का उत्तीर्णता प्रतिशत 52.17 रहा, जो यह दर्शाता है कि उच्च कक्षाओं के लिए विषयगत गहराई और प्रतिस्पर्धा अपेक्षाकृत अधिक है। इस चरण में कुल 29 विषयों की परीक्षा आयोजित की गई थी।
कटऑफ को लेकर भी इस बार स्पष्ट और वर्गानुसार संतुलित मानक अपनाए गए। सामान्य वर्ग के लिए 50 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग के लिए 45.5 प्रतिशत, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 42.5 प्रतिशत और महिला, दिव्यांग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 40 प्रतिशत उत्तीर्णांक निर्धारित किया गया था। इससे सामाजिक समावेशन और समान अवसर की नीति को मजबूती मिली है।
परीक्षा पैटर्न की बात करें तो कुल 150 प्रश्न पूछे गए थे, जिनका कुल अंक 150 था। इसमें 100 अंक विषयवस्तु से जुड़े थे, जबकि 50 अंक शिक्षण कला, पेडागॉजी और अन्य दक्षताओं पर आधारित थे। सभी प्रश्न बहुविकल्पीय थे और गलत उत्तर पर किसी प्रकार की निगेटिव मार्किंग नहीं रखी गई थी, जिससे अभ्यर्थियों को आत्मविश्वास के साथ प्रश्न हल करने का अवसर मिला।
एसटीइटी 2025 का आयोजन पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मुंगेर, सहरसा, भोजपुर और पूर्णिया जिलों में स्थित 23 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में किया गया। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 19 सितंबर से 5 अक्टूबर 2025 तक स्वीकार किए गए थे। परीक्षा के सुचारू आयोजन और समय पर परिणाम ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की कार्यप्रणाली पर भरोसा और मजबूत किया है।


















