मंगलवार को पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड के लालू-राबड़ी आवास पर तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Bihar Politics) की अचानक हुई एंट्री ने सियासी हलकों में नए सवाल खड़े कर दिए। लंबे समय से परिवार और राजद से अलग-थलग चल रहे तेज प्रताप अपने माता-पिता और छोटे भाई तेजस्वी यादव से मुलाकात करने पहुंचे। मुलाकात का दृश्य सिर्फ घर तक सीमित नहीं रहा, क्योंकि तेजप्रताप ने खुद इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर साझा कर बिहार की राजनीति में एक नया संदेश प्रसारित कर दिया।
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तेज प्रताप द्वारा माता राबड़ी देवी, पिता लालू प्रसाद यादव और भाई तेजस्वी के साथ साझा की गई तस्वीरें सियासी गलियारों में खूब चर्चा का विषय बनीं। तेज प्रताप की यह मुलाकात संभावित समीकरणों की ओर इशारा कर सकती है। हालांकि, तेज प्रताप ने सोशल मीडिया पर साफ तौर पर लिखा कि उनका उद्देश्य सिर्फ मकर संक्रांति पर होने वाले पारंपरिक दही-चूड़ा भोज का निमंत्रण देना था, लेकिन बिहार की राजनीति में कोई भी मुलाकात बिना मायने नहीं मानी जाती।
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अपनी मुलाक़ात की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर शेयर कर उन्होंने लिखा है कि आज अपने पिताजी आदरणीय श्री लालू प्रसाद यादव जी, माता जी आदरणीय श्रीमती राबड़ी देवी जी से 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पहुंचकर मुलाकात कर आशीर्वाद प्राप्त किया और अपने छोटे भाई और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी से भी भेंट मुलाकात कर कल 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाले “ऐतिहासिक दही -चूड़ा भोज” कार्यक्रम हेतु निमंत्रण पत्र देकर आमंत्रित किया। साथ ही आज अपनी प्यारी भतीजी कात्यायनी को गोद में खिलाने का अद्भुत पल भी प्राप्त हुआ।
बताते चलाने कि तेज प्रताप और परिवार के बीच संबंधों में खटास की शुरुआत अनुष्का प्रकरण से हुई थी। इसके बाद लालू प्रसाद यादव ने कठोर फैसला लेते हुए तेज प्रताप को न सिर्फ पार्टी बल्कि परिवार से भी अलग कर दिया था। राजद ने उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था, जिसके बाद तेज प्रताप ने जनशक्ति जनता दल नाम की अपनी नई पार्टी बनाई और 2025 के विधानसभा चुनाव में महुआ से चुनाव भी लड़े, लेकिन सफलता हासिल नहीं कर सके। अब दही-चूड़ा भोज के निमंत्रण के बहाने तेज प्रताप का लालू आवास तक लौटना यह संकेत दे रहा है कि शायद बर्फ पिघलने लगी है और रिश्तों में नई गर्माहट आने की कोशिश है।






















