बिहार विधान परिषद (Bihar Vidhan Parishad) में आज पक्ष-विपक्ष के बीच जोरदार हंगामा हुआ। हंगामा इतना बढ़ गया कि सभापति ने सभी विपक्षी सदस्यों को सदन से बाहर कर दिया। नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी बात सुनी ही नहीं गई और आसन से आदेश मिलते ही 12 घंटे के लिए बाहर कर दिया गया। उनका कहना था कि विपक्ष चर्चा चाहता था, लेकिन बिना संवाद के सीधे निष्कासन ने लोकतांत्रिक परंपराओं पर चोट पहुंचाई। राबड़ी देवी के बयान से यह संकेत मिला कि विपक्ष खुद को सुनवाई से वंचित मान रहा है और सदन के भीतर संवाद की जगह टकराव हावी हो रहा है।

राजद एमएलसी सुनील सिंह ने पूरे घटनाक्रम को सत्ता पक्ष की कथित दबाव की राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था का मुद्दा गंभीर है और विपक्ष इसी पर बहस चाहता था। सभापति से अनुमति नहीं मिलने पर नारेबाजी शुरू हुई, जिसे आधार बनाकर कार्रवाई कर दी गई। सुनील सिंह ने आरोप लगाया कि हंगामे के बीच सरकार के एक मंत्री ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उनका व्यवहार मर्यादा के खिलाफ था। उन्होंने यहां तक कहा कि मंत्री का आचरण ऐसा लगा जैसे नशे में हों और सदन में पॉकेटमार जैसी हरकतें कर रहे हों। विपक्ष का तर्क है कि यदि सदन में बहस की इजाजत मिलती तो न तो नारेबाजी होती और न ही मामला इस हद तक पहुंचता।
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दूसरी ओर मंत्री अशोक चौधरी ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बिस्कोमान चुनाव में हार की खुन्नस निकालने के लिए सुनील सिंह निजी हमला कर रहे हैं। उन्होंने खुद को नीतीश कुमार सरकार का दलित मंत्री बताते हुए यह दावा किया कि विपक्ष की जोर-जबरदस्ती उन पर नहीं चलेगी। चौधरी का कहना है कि सदन के भीतर उन्हीं के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग हुआ और सुनील सिंह अपनी सीट छोड़कर उनकी सीट तक पहुंचे, जिसका वीडियो फुटेज मौजूद है। मंत्री ने सभापति से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए इसे सदन की गरिमा से जुड़ा मामला बताया।
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बता दें कि बिहार विधान परिषद में आज मंगलवार को भी हंगाामा हुआ। कल हए विवाद पर राजद के MLC ने सवाल उठाए। जिसके बाद पक्ष-विपक्ष के MLC में बहस हुई। राजद MLC बेल में आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। हंगामे को देखते हुए सभापति अवधेश नारायण सिंह ने विपक्ष के MLC को पूरे दिन की कार्यवाही के लिए सदन से बाहर कर दिया। सभापति ने सदन में मार्शल को भी बुलाया ताकि MLC को बाहर किया जा सके। इस दौरान अशोक चौधरी और सुनील सिंह के बीच तीखी बहस हुई। अशोक चौधरी ने सुनील सिंह से कहा, ‘तुम क्या हो।’ वहीं सुनील सिंह ने बेल में आकर, ‘अशोक चौधरी होश में आओ’ के नारे लगाए।
दोनों ओर से औकात दिखाने देने तक की बातें हुईं। सुनील सिंह ने अशोक चौधरी को टपोरी कहा। उन्होंने कहा, ‘टपोरी मंत्री ने मुझे गालियां दीं। प्रोसिडिंग के पेपर से मुझे मारने की कोशिश की गई।’ वहीं उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, ‘राजद सदस्य ने लोकतंत्र के मंदिर में दलित मंत्री को गाली दी है। वीडियो फुटेज देखकर कार्रवाई हो और वो माफी मांगे।’ इसपर सभापति ने कहा, ‘इस पर हमने संज्ञान लिया है। सुप्रीम कोर्ट का जो निर्णय है, उस पर भी विचार होगा।’






















