बिहार विधान परिषद (Bihar Vidhan Parishad) की कार्यवाही के दौरान कई अहम जनसरोकार से जुड़े मुद्दों ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया। सदस्य शशि यादव ने मेदांता के पास स्थित जमीन से गरीब परिवारों को हटाए जाने का मामला उठाते हुए सरकार से संवेदनशील रुख अपनाने की मांग की, वहीं मसौढ़ी में मैट्रिक छात्रा की आत्महत्या का मामला भी सदन में गूंजा। इसके अलावा टैक्स विभाग में वर्षों से कार्यरत प्रबंधकों के मानदेय भुगतान में देरी को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
विधान परिषद में चर्चा के दौरान शशि यादव ने कहा कि मेदांता के आसपास की जमीन सहित कई क्षेत्रों से गरीबों को हटाने की कार्रवाई बिना उचित पुनर्वास के की जा रही है। उन्होंने इसे मानवीय दृष्टिकोण से गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि सरकार को पहले विस्थापित परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए और उसके बाद ही किसी तरह की कार्रवाई होनी चाहिए। उनके मुताबिक, बिना पुनर्वास के बेदखली सामाजिक असंतुलन और असुरक्षा की भावना को बढ़ा सकती है। इस मुद्दे को लेकर सदन में सरकार की नीति और प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए गए।
सदन में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक संवेदनशील मामला भी उठा, जिसमें मसौढ़ी में मैट्रिक परीक्षा के दौरान 10 मिनट देरी से पहुंचने पर छात्रा को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। शशि यादव ने आरोप लगाया कि इसी घटना से आहत होकर छात्रा ने ट्रेन से कूदकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि इस मामले में संवेदनशीलता की कमी दिखाई दे रही है और पहले भी इस मुद्दे को उठाने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस घटना ने परीक्षा नियमों की कठोरता और छात्र-हितों के बीच संतुलन को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।
वहीं टैक्स विभाग से जुड़े एक अन्य सवाल पर एमएलसी सौरव कुमार, सुनील कुमार और वंशीधर बृजवासी ने दशकों से कार्यरत प्रबंधकों के मानदेय भुगतान में देरी का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों को समय पर भुगतान नहीं होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। इस पर जवाब देते हुए मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि संबंधित संस्था स्वायत्त है और सरकार इस विषय पर भविष्य में विचार करेगी। हालांकि चर्चा के दौरान उन्होंने सुनील कुमार सिंह पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके समझने-बूझने की व्यवस्था गड़बड़ा गई है, जिससे सदन का माहौल कुछ देर के लिए गर्म हो गया।






















