बिहार विधानसभा (Bihar Vidhan Sabha) स्थापना दिवस के भव्य आयोजन से ठीक पहले एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने प्रशासनिक तैयारियों और भवन रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर पूरे महीने से चल रही तैयारियों के बीच विधानसभा परिसर को सजाया-संवारा जा रहा था, वहीं मुख्य द्वार के पास ऊपरी मंजिल का छज्जा अचानक टूटकर गिर गया। घटना में किसी के हताहत न होने से राहत जरूर मिली, लेकिन समय और परिस्थितियों को देखते हुए इसे संभावित बड़े हादसे की चेतावनी माना जा रहा है।
2 फरवरी से शुरू हुए बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के कारण पूरे परिसर में गतिविधियां तेज हैं और यह सत्र पूरे महीने चलने वाला है। इसी बीच 7 फरवरी को बिहार विधानसभा स्थापना दिवस मनाया जाना है, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शामिल होने वाले हैं। इस आयोजन को लेकर पिछले लगभग एक महीने से विशेष तैयारियां चल रही थीं। परिसर में सजावट, रंग-रोगन, सौंदर्यीकरण और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा था ताकि कार्यक्रम को भव्य बनाया जा सके।
ऐसे माहौल में छज्जा गिरने की घटना ने अचानक सबको चौंका दिया। बताया जा रहा है कि यह हिस्सा मुख्य द्वार के पास ऊपरी मंजिल का था, जहां आमतौर पर विधायकों, अधिकारियों और मीडिया कर्मियों की आवाजाही रहती है। घटना सुबह के समय हुई, जब भीड़ कम थी, इसलिए किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। लेकिन अगर यह घटना सुबह 9 बजे के बाद होती, जब विधायकों का विधानसभा पहुंचना शुरू होता है और पत्रकार बयान लेने के लिए बड़ी संख्या में मौजूद रहते हैं, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।
विधानसभा भवन विशाल और ऐतिहासिक है, इसलिए संरचनात्मक रूप से ऐसी छोटी घटनाएं सामान्य तौर पर बड़ी नहीं मानी जातीं, लेकिन कार्यक्रम के ठीक पहले इस तरह का हिस्सा गिरना सुरक्षा व्यवस्था और भवन रखरखाव की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा करता है। विशेष रूप से तब, जब हाल के दिनों में परिसर में सड़क की पिचिंग, रंगाई-पुताई और अन्य सौंदर्यीकरण कार्य तेजी से किए गए थे। दो दिन पहले ही विधानसभा परिसर की सड़क को नया रूप देने के लिए पुनः पिचिंग कराई गई थी, ताकि आगंतुकों और अतिथियों के सामने परिसर बेहतर दिखे।
स्थापना दिवस के कार्यक्रम में विधायक, विधान पार्षद और कई गणमान्य अतिथि शामिल होंगे, इसलिए प्रशासन अब सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की तैयारी में है। छज्जा गिरने की घटना ने एक तरह से अलर्ट का काम किया है और उम्मीद की जा रही है कि कार्यक्रम से पहले पूरे भवन का तकनीकी निरीक्षण किया जाएगा।






















