बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025) के बाद सीमांचल की राजनीति में उठा सियासी ताप अब कानूनी बहस में तब्दील होता नजर आ रहा है। चुनावी मंच से दिए गए तीखे भाषण, आरोप-प्रत्यारोप और व्यक्तिगत टिप्पणियां अब सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि थाने की चौखट तक पहुंच चुकी हैं। किशनगंज से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रवक्ता डॉ. नूर आलम ने AIMIM के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील के खिलाफ किशनगंज सदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराकर इस पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
डॉ. नूर आलम का आरोप है कि विधानसभा चुनाव के दौरान सीमांचल क्षेत्र में आयोजित एक चुनावी सभा में इम्तियाज जलील ने RJD प्रत्याशी मुजाहिद आलम को लेकर सार्वजनिक मंच से आपत्तिजनक, अपमानजनक और तथ्यहीन टिप्पणियां कीं। उनका कहना है कि यह बयान न केवल एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश थे, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं और चुनावी आचार संहिता की भावना के भी खिलाफ थे।
RJD प्रवक्ता ने AIMIM नेता पर दर्ज कराई शिकायत.. इम्तियाज जलील के बयान पर FIR
शिकायत के मुताबिक, 4 नवंबर 2025 की शाम किशनगंज शहर के चुड़ीपट्टी इलाके में स्थित एक कम्युनिटी हॉल के पास AIMIM की चुनावी सभा आयोजित की गई थी। इसी सभा में कोचाधामन विधानसभा सीट से AIMIM उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार करते हुए इम्तियाज जलील ने RJD प्रत्याशी मुजाहिद आलम पर बेहद तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। डॉ. नूर आलम का दावा है कि मंच से ऐसे शब्द बोले गए, जिनका न तो कोई प्रमाण था और न ही कोई राजनीतिक औचित्य, बल्कि उनका मकसद सिर्फ विरोधी उम्मीदवार को बदनाम करना था।
डॉ. नूर आलम ने अपनी शिकायत में यह भी स्पष्ट किया है कि इस तरह की टिप्पणियों से मुजाहिद आलम की सामाजिक और राजनीतिक छवि को गहरा आघात पहुंचा है। उनके अनुसार, चुनाव जैसे संवेदनशील समय में दिए गए ऐसे बयान मतदाताओं को भ्रमित करने और अनुचित राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश माने जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन आरोपों का असर सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके परिवार, समर्थकों और सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी पड़ा, जिससे मानसिक और भावनात्मक नुकसान के साथ-साथ आर्थिक क्षति की बात भी सामने आई है।
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RJD प्रवक्ता ने खुद को इस पूरे मामले से भावनात्मक रूप से जुड़ा बताया है। उनका कहना है कि वह मुजाहिद आलम के चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे और ऐसे में मंच से किए गए आरोपों ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी आहत किया। डॉ. नूर आलम के मुताबिक, सीमांचल क्षेत्र में कई RJD कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों में भी इन बयानों को लेकर नाराजगी देखी गई, जो चुनाव के बाद भी चर्चा का विषय बनी रही।
शिकायत में यह बात भी दर्ज की गई है कि चुनाव समाप्त होने के तुरंत बाद राजनीतिक व्यस्तता और स्वास्थ्य कारणों से आवेदन देने में देरी हुई, लेकिन अब स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया है। डॉ. नूर आलम ने पुलिस को एक पेन ड्राइव भी सौंपी है, जिसमें कथित तौर पर इम्तियाज जलील के विवादित भाषण के अंश रिकॉर्ड होने का दावा किया गया है। उनका कहना है कि यह डिजिटल साक्ष्य पूरे मामले की गंभीरता को दर्शाता है और निष्पक्ष जांच में अहम भूमिका निभा सकता है।
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कोचाधामन विधानसभा सीट पर RJD के मुजाहिद आलम और AIMIM के सरवर आलम के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला देखने को मिला था, जिसमें AIMIM उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी। वहीं किशनगंज विधानसभा सीट पर भी AIMIM ने मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी। ऐसे में चुनावी हार-जीत के बाद उठे इस विवाद को सीमांचल की बदलती सियासी तस्वीर और बढ़ती राजनीतिक तल्खी के तौर पर देखा जा रहा है।
मामले पर किशनगंज सदर थाना अध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आवेदन और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






















