Bihar Assembly News: बिहार विधानमंडल का मंगलवार का सत्र राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। विधानसभा और विधान परिषद, दोनों सदनों में विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी रणनीति बना ली है। महिला सुरक्षा, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक विफलताओं जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर विपक्ष तीखे सवाल उठाने की तैयारी में है। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि सदन की कार्यवाही आज भी शोर-शराबे और तीखी बहस के बीच आगे बढ़ सकती है।
विधानसभा में प्रश्नोत्तर काल के दौरान कई विभागों से जुड़े मामलों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से संबंधित विषयों पर आलोक कुमार सिंह, मुरारी प्रसाद सहित अन्य विधायकों की ओर से ध्यानाकर्षण सूचनाएं दी गई हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मामलों पर अख्तरुल ईमान और संदीप सौरभ जैसे सदस्यों द्वारा सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई है। इन मुद्दों पर सरकार की ओर से आधिकारिक वक्तव्य आने की संभावना है, जिससे सदन का माहौल और गरम हो सकता है।
इसके साथ ही सदन में बिहार नगरपालिका विधि सेवा नियमावली 2025 और बिहार नगरपालिका योजना सेवा नियमावली 2025 की प्रतियां भी प्रस्तुत की जाएंगी। इसके बाद कार्यवाही का दूसरा चरण और अधिक राजनीतिक रंग लेने वाला है, क्योंकि वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्यय में शामिल अनुदान की मांगों पर विस्तृत चर्चा होगी। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस तय मानी जा रही है, जिसमें विकास कार्यों, बजट आवंटन और प्राथमिकताओं को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठेंगे।
उधर, विधान परिषद में सोमवार को हुए हंगामे का असर मंगलवार की कार्यवाही पर भी दिखने के संकेत हैं। बीते दिन महिलाओं के खिलाफ बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी सदस्य वेल में पहुंच गए थे। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली थी। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए थे कि मुख्यमंत्री ने सभापति से विपक्षी सदस्यों पर कार्रवाई की मांग तक कर दी थी। भाजपा के एक एमएलसी की टिप्पणी पर राबड़ी देवी की नाराजगी ने सदन के माहौल को और अधिक उग्र बना दिया।
मंगलवार को विधान परिषद में प्रश्नों के उत्तर के साथ गैर सरकारी सदस्यों के विधेयक और संकल्प संबंधी समिति का 214वां प्रतिवेदन गुलाम गौस द्वारा पेश किया जाएगा। इसके अलावा बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड, पटना के वित्तीय वर्ष 2021-22 का वार्षिक प्रतिवेदन और बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग के वित्तीय वर्ष 2024-25 का वार्षिक प्रतिवेदन भी सदन में रखा जाएगा। बिहार प्रशासनिक सेवा भर्ती एवं सेवा शर्त नियमावली 2025 की प्रति भी सदन के पटल पर रखी जाएगी, जिस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।
वाम दलों की ओर से माले की एमएलसी शशि यादव राज्य में बंद और बीमार उद्योगों को पुनर्जीवित करने तथा नए उद्योगों की स्थापना के मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगी। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और पुलिस प्रशासन वसूली में व्यस्त है, जिससे अपराधियों का मनोबल मजबूत हुआ है। नीट छात्रा की हत्या और दरभंगा में नाबालिग बच्ची से जुड़े मामलों को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए जाने की संभावना है।
वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार अपनी सरकार के कार्यकाल में महिलाओं के लिए किए गए कार्यों और योजनाओं का उल्लेख कर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते रहे हैं। सरकार का दावा है कि महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा को लेकर कई ठोस कदम उठाए गए हैं। ऐसे में आज का दिन बिहार की राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने होंगे।






















