भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार (Prem Kumar Nomination) 18 वीं विधानसभा के अध्यक्ष होंगे। मंगलवार को उनके निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की जायेगी। सोमवार को प्रेम कुमार की ओर से अध्यक्ष पद के लिए एकमात्र नामांकन दाखिल किया गया। प्रेम कुमार की ताजपोशी के अगले ही दिन राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान दोनों सदनों के सदस्यों की उपस्थिति में सेंट्रल हॉल में अपना अभिभाषण देंगे, जो नई सरकार की प्राथमिकताओं का एजेंडा तय करेगा।
नामांकन के दौरान सियासी समीकरण की एक झलक भी देखने को मिली, जहां डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के साथ जदयू के संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, लोजपा आर के नेता राजू तिवारी और रालोमो के माधव आनंद मौजूद रहे। यह मौजूदगी NDA घटक दलों की एकजुटता को दिखाती है और संकेत देती है कि विधानसभा अध्यक्ष पद को लेकर किसी भी तरह की राजनीतिक खींचतान अब समाप्त हो चुकी है।

दूसरी ओर, सोमवार को पहले सत्र के उद्घाटन दिन प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव ने 236 नव निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई। हालांकि मंत्री मदन सहनी सहित सात विधायक अनुपस्थित रहे और वे मंगलवार को अपनी शपथ ग्रहण करेंगे। करीब पौने तीन घंटे चले इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम ने नए विधायी सत्र की औपचारिक शुरुआत कर दी है।
सदन में अनुपस्थित रहने के कारण पहले दिन मंत्री मदन सहनी सहित छह अन्य सदस्यों ने शपथ नहीं ले पाये। मंत्री मदन सहनी के अलावा भाजपा के विनय बिहारी, जीवेश मिश्रा, केदार नाथ सिंह, जदयू के अनंत कुमार सिंह और अमरेंद्र कुमार पांडेय तथा भाजपा के डा सुनील कुमार शामिल रहे। ऐसे सदस्य मंगलवार को सदन की सदस्यता ग्रहण करेंगे।






















