बिहार की 18वीं विधानसभा का शीतकालीन सत्र (Bihar Vidhansabha Session) इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रहा है। चुनावी हलचल के बाद पहली बार नव-निर्वाचित विधायक विधानसभा परिसर पहुंचेंगे, जहां उनका स्वागत नए अंदाज़, नई तकनीक और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के बीच किया जाएगा। 2 दिसंबर से 5 दिसंबर तक चलने वाला यह सत्र सिर्फ राजनीतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि विधानसभा के तकनीकी अपग्रेड और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिहाज से भी विशेष माना जा रहा है।
सत्र की शुरुआत 2 दिसंबर को विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव से होगी, जिसके बाद 3 दिसंबर को राज्यपाल दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे। 4 दिसंबर को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी और सरकार अपनी बात रखेगी। 5 दिसंबर को द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी पर विचार किया जाना है, जिससे यह सत्र बेहद व्यस्त व सियासी रूप से और अधिक गर्म होने की संभावना है।
शीतकालीन सत्र से पहले NDA की आक्रामक तैयारी.. विपक्ष पर घेराबंदी तेज
चुनाव के बाद पहली बार विधानसभा पहुंचने वाले विधायकों के स्वागत के लिए परिसर को नई ऊर्जा और भव्यता का रूप दिया गया है। भवन को ताजे फूलों से सजाया गया है तो वहीं लॉन में मैक्सिकन घास की नई परत बिछाई गई है। इसके लिए पुरानी मिट्टी हटाकर गंगा किनारे से विशेष मिट्टी मंगाई गई, ताकि विधानसभा परिसर का आकर्षण अलग ही नजर आए। यह बदलाव केवल सौंदर्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह नया माहौल सदन की बदली सोच और आधुनिक कार्यशैली का संकेत भी दे रहा है।
सबसे बड़ा बदलाव तकनीकी मोर्चे पर देखने को मिला है, जहां 18वीं विधानसभा अब पूरी तरह पेपरलेस हो चुकी है। हर विधायक की सीट पर सैमसंग के टैबलेट लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से सवाल-जवाब से लेकर नोटिस तक के सभी काम ऑनलाइन होंगे। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी बल्कि कार्यवाही में पारदर्शिता और गति भी बढ़ेगी। सदन में लगाए गए सेंसर माइक इस बदलाव को और खास बनाते हैं। ये माइक विधायक के बैठने के अनुसार ऑटोमैटिक चालू और बंद हो जाते हैं, जिससे कार्यवाही सुचारू और व्यवस्थित रहेगी। इसके लिए एक अलग कंट्रोल सिस्टम भी तैयार किया गया है।
सत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए पटना प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया है। विधानसभा और आसपास के क्षेत्र में 800 से ज्यादा पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। वाहनों की जांच डॉग स्क्वायड और आधुनिक मशीनों से की जाएगी, वहीं बाहरी इलाके में बैरिकेडिंग लगाकर कड़ी जांच की व्यवस्था की गई है। पटना सदर के SDM गौरव कुमार ने 1 से 5 दिसंबर तक धारा-144 जैसी प्रतिबंधात्मक व्यवस्था लागू कर दी है, जिसके तहत विधानसभा के आसपास भीड़, जुलूस, नारेबाजी और हथियार लेकर चलना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। प्रदर्शन के लिए केवल गर्दनीबाग को ही निर्धारित स्थल के रूप में मंजूरी दी गई है।






















