बिहार में सर्दी ने एक बार फिर अपना तीखा तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना (Bihar Weather Alert) की ताजा चेतावनी के मुताबिक 4 जनवरी से 6 जनवरी तक राज्य के लगभग सभी जिलों में ठंड और घने कोहरे का असर बना रहेगा। इस दौरान कई इलाकों में कोल्ड-डे जैसी स्थिति देखने को मिल सकती है, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ सड़क, रेल और हवाई यातायात भी प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विभाग का कहना है कि पछुआ हवाओं की कमजोरी और नमी की अधिकता के कारण कोहरे की परतें लंबे समय तक जमी रह सकती हैं।
उत्तर बिहार के जिलों में हालात ज्यादा गंभीर रहने की संभावना जताई गई है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार और सहरसा में सुबह और रात के समय घना कुहासा छाए रहने का अनुमान है। इन जिलों में दिनभर धूप कमजोर रह सकती है, जिससे तापमान में बढ़ोतरी नहीं हो पाएगी और कोल्ड-डे की स्थिति बन सकती है। कम दृश्यता के कारण हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है।
मध्य और उत्तर-मध्य बिहार के जिलों मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, वैशाली, सारण, सिवान, गोपालगंज और बेगूसराय में भी ठंड का असर तेज रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार यहां न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है और कई स्थानों पर पारा 6 से 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है। लगातार गिरते तापमान से बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।
राजधानी पटना समेत दक्षिण-पश्चिम बिहार के जिलों नालंदा, जहानाबाद, अरवल, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, गया और नवादा में भी सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना है। यहां कोहरे का सीधा असर सड़क और रेल यातायात पर पड़ सकता है। ट्रेनों की लेटलतीफी और वाहनों की धीमी रफ्तार से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। प्रशासन ने वाहन चालकों को फॉग लाइट का इस्तेमाल करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
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दक्षिण-पूर्वी बिहार भी ठंड की चपेट में है। भागलपुर, बांका, मुंगेर, जमुई, शेखपुरा और लखीसराय में न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। भागलपुर में पारा 6.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की जानकारी मौसम विभाग ने दी है। वहीं मधेपुरा, खगड़िया और पूर्णिया के आसपास के इलाकों में शीतलहर जैसी स्थिति बनी रह सकती है, जिससे खुले में काम करने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र का स्पष्ट कहना है कि अगले दो से तीन दिनों तक ठंड से राहत मिलने के संकेत कम हैं। ऐसे में लोगों को अलर्ट रहने, गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करने और अत्यधिक ठंड में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ तो ठंड का असर और भी बढ़ सकता है, जिससे जनवरी की शुरुआत बिहार के लिए बेहद सर्द साबित हो सकती है।






















