Bihar Weather: पहाड़ों पर हुई सीजन की पहली बर्फबारी ने अब बिहार की सर्दी को बेहद तीखा बना दिया है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड की चोटियों पर गिरी बर्फ का असर मैदानी इलाकों में साफ दिखने लगा है। बिहार में कोहरा और ठंड अब सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि आम जनजीवन के लिए चुनौती बन चुकी है। राजधानी पटना समेत कई जिलों में सुबह की शुरुआत घने कोहरे और कंपकंपाती ठंड के साथ हो रही है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि मौसम विभाग ने शीत दिवस जैसे हालात की चेतावनी जारी कर दी है।
रविवार को पटना में लगातार पांचवें दिन न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दिन भर धूप नहीं निकलने से ठंड का असर और बढ़ गया। सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी जरूर हुई, लेकिन न्यूनतम तापमान में गिरावट ने लोगों को दिनभर ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार की सुबह भी पटना में घना कोहरा रहेगा, हालांकि दिन चढ़ने के साथ कोहरा धीरे-धीरे छंट सकता है और आसमान में बादल छाए रहेंगे। इसके बावजूद ठंड से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है।
राज्य के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में शीत दिवस जैसी स्थिति बनने के संकेत मिल रहे हैं। कई जिलों में हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहेगा और बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। मंगलवार को भी उत्तर और दक्षिण-पश्चिम बिहार के कुछ इलाकों में घने कोहरे की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। यानी ठंड और कोहरे का यह दौर फिलहाल बना रहेगा। अच्छी खबर सिर्फ इतनी है कि अगले छह दिनों तक प्रदेश में बारिश की संभावना नहीं है और मौसम शुष्क रहेगा।
कोहरे का सबसे बड़ा असर परिवहन व्यवस्था पर देखने को मिल रहा है। लगातार पांचवें दिन ट्रेनों और विमानों की रफ्तार थमी रही। घने कोहरे के कारण पटना एयरपोर्ट से आने-जाने वाली कई उड़ानों को रद्द करना पड़ा। यात्रियों को घंटों एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा, वहीं कई लोग अपनी यात्रा ही नहीं कर सके। ट्रेनों की हालत भी कुछ अलग नहीं रही। राजधानी, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनें कई-कई घंटे की देरी से पटना जंक्शन पहुंचीं, जिससे यात्रियों की परेशानियां और बढ़ गईं।
ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों का कहना है कि देरी के कारण खाने-पीने से लेकर आगे की यात्रा तक सब कुछ प्रभावित हो रहा है। रात में ट्रेन पहुंचने से ठंड का असर और ज्यादा महसूस हो रहा है, खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए हालात काफी मुश्किल हैं। कोहरे की वजह से दृश्यता कम होने के कारण ड्राइविंग भी जोखिम भरी हो गई है, जिससे सड़क हादसों की आशंका बढ़ गई है।
कुल मिलाकर बिहार में कोहरा और ठंड अब आम लोगों के लिए ‘मौसमी टॉर्चर’ बन चुका है। शीत दिवस की चेतावनी, तापमान में लगातार गिरावट और ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर पड़े असर ने साफ कर दिया है कि आने वाले कुछ दिन भी राहत भरे नहीं होंगे। ऐसे में मौसम विभाग और प्रशासन दोनों की ओर से सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, ताकि ठंड और कोहरे के इस दौर में किसी बड़ी परेशानी से बचा जा सके।





















