साल 2026 की शुरुआत बिहार के लिए सर्दी (Bihar Weather 2026) के तीखे तेवरों के साथ हुई। नए साल की पहली सुबह राज्य के बड़े हिस्से घने कोहरे की गिरफ्त में नजर आए, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई और आम जनजीवन पर असर पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार, ठंड का यह दौर फिलहाल थमने वाला नहीं है और पहले दिन भी लोगों को कड़ाके की सर्दी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है। खासकर उत्तर बिहार के जिलों में हालात ज्यादा गंभीर बने हुए हैं, जहां तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया सहित कुल 19 जिलों में ‘कोल्ड डे’ की स्थिति को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में दिनभर ठंडी हवाओं और घने कोहरे का असर बना रहेगा, जिससे धूप के दर्शन भी मुश्किल हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पछुआ हवाओं की सुस्ती और नमी के कारण ठंड लंबे समय तक टिक सकती है, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है।
दूसरी ओर, दक्षिण बिहार के लोगों के लिए मौसम थोड़ी राहत की कहानी लिख सकता है। राजधानी पटना, गया, बक्सर और जमुई जैसे जिलों में आसमान साफ रहने और आंशिक धूप निकलने की संभावना जताई गई है। अगर धूप ठीक से खिलती है तो अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है, हालांकि सुबह और देर रात कोहरे की चादर बनी रहेगी। यही कारण है कि सुबह के समय सड़कों पर आवाजाही और रेल-हवाई सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।
मौसम विभाग ने कई जिलों में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया है। बक्सर, कैमूर, भोजपुर, पटना, गया, नवादा, नालंदा, रोहतास, जहानाबाद और आसपास के इलाकों में सुबह के वक्त दृश्यता बेहद कम रह सकती है। ऐसे में वाहन चालकों को खास सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
बीते साल का आखिरी दिन ठंड के लिहाज से रिकॉर्ड तोड़ साबित हुआ। 31 दिसंबर की रात 2026 की सबसे सर्द रात के रूप में दर्ज की गई, जब गया में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। छपरा, सबौर और राजगीर जैसे इलाकों में भी तापमान ने लोगों को कंपकंपा दिया। हालांकि राहत की खबर यह है कि मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 2 जनवरी के बाद धीरे-धीरे तापमान में सुधार देखने को मिल सकता है और 7 जनवरी तक कई जिलों में पारा करीब 3 डिग्री तक चढ़ने की उम्मीद है।
अगर पूरे साल 2026 के मौसम पर नजर डालें तो यह बिहार के लिए बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। एक ओर जहां राज्य ने कई दिनों तक भीषण गर्मी और हीट वेव का सामना किया, वहीं सर्दियों में शीत दिवसों की संख्या ने भी चिंता बढ़ाई। मानसून के दौरान औसत से कम बारिश दर्ज की गई, लेकिन कुछ इलाकों में अत्यंत भारी वर्षा ने तबाही भी मचाई। कुल मिलाकर, साल 2026 मौसम के चरम रूपों के कारण लंबे समय तक याद रखा जाएगा।






















