Bihar Weather Update: राजधानी पटना समेत बिहार के कई जिलों में मौसम का मिजाज अब धीरे-धीरे सामान्य होता नजर आ रहा है। सुबह के समय हल्का कोहरा लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रहा है, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ रहा है, धूप निकलने से ठंड की तीव्रता कम हो रही है और अधिकतम तापमान में इजाफा दर्ज किया जा रहा है। मौसम में आई इस अस्थायी नरमी ने लोगों को राहत जरूर दी है, मगर मौसम विज्ञानियों का कहना है कि यह राहत ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है, क्योंकि 22 और 23 जनवरी के बीच एक बार फिर तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।
सोमवार को राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान भागलपुर के सबौर में 6.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो यह संकेत देता है कि रात और सुबह की ठंड अभी पूरी तरह गई नहीं है। पटना में न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि दिन का अधिकतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह अंतर साफ बताता है कि बिहार में सर्दी अब दोहरे स्वरूप में दिख रही है, जहां सुबह ठिठुरन और दोपहर में हल्की गर्माहट महसूस हो रही है।
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मौसम विभाग ने राज्य के 19 शहरों में घने कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। बक्सर, भोजपुर, भभुआ, रोहतास, औरंगाबाद, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, मधुबनी, दरभंगा, सुपौल, सहरसा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार और खगड़िया में सुबह के समय विजिबिलिटी कम रहने की आशंका जताई गई है। पछुआ हवाओं के प्रभाव के कारण मौसम फिलहाल शुष्क बना हुआ है और इसी वजह से पूर्णिया, किशनगंज और सिवान को छोड़कर अधिकांश जिलों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
पटना और आसपास के इलाकों में अब दिन के समय लोग हल्की धूप का आनंद ले पा रहे हैं। सर्दी से जूझ रहे आम लोगों के लिए यह बदलाव राहत भरा है, लेकिन सुबह के कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात पर अभी भी असर पड़ सकता है। कैमूर जिले में अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पूरे राज्य में सबसे अधिक रहा और यह दिखाता है कि दक्षिण-पश्चिम बिहार में मौसम अपेक्षाकृत गर्म बना हुआ है।
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हालांकि कोहरे की तीव्रता में कमी आई है, लेकिन हवा में मौजूद प्रदूषण के कण अब नई चिंता बनकर उभरे हैं। पटना में सुबह 08:20 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 413 दर्ज किया गया, जो बेहद खतरनाक श्रेणी में आता है। PM2.5 का स्तर 281 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और PM10 का स्तर 377 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो यह संकेत देता है कि हवा में सांस लेना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर की हवा स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी नुकसानदेह है और दमा या सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए यह खतरा कई गुना बढ़ा देती है।
मौसम और प्रदूषण के इस दोहरे असर को देखते हुए डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह और शाम की सैर से बचने, मास्क का उपयोग करने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। आने वाले दिनों में तापमान में संभावित गिरावट और कोहरे की वापसी के साथ-साथ हवा की गुणवत्ता पर भी नजर बनाए रखना जरूरी होगा, क्योंकि यही तय करेगा कि राहत स्थायी होगी या फिर सर्दी और प्रदूषण एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ाएंगे।






















