बिहार (Bihar Weather Update) में दिसंबर की ठंड ने इस बार समय से पहले ही दस्तक दे दी है। पछुआ हवा की लगातार रफ्तार ने पूरे राज्य में कंपकंपी बढ़ा दी है। बीते 48 घंटों में अधिकतर जिलों में सुबह और रात के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को सर्द हवाओं की चुभन अधिक महसूस हो रही है। राजधानी पटना में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री से नीचे पहुंच गया है, जो सामान्य से कम है और ठंड का असर साफ दिखा रहा है। राज्य के पूर्वी हिस्से में ठिठुरन और भी तेज है, जहाँ भागलपुर के सबौर में पारा लुढ़ककर 8.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है।
हालांकि पछुआ हवा की इस बढ़ती सक्रियता के बीच राहत की बात यह रही कि घना कोहरा कहीं नहीं दिखा। सुबह हल्की धुंध जरूर छाई लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही धूप निकलने पर दृश्यता सामान्य हो गई। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली शुष्क और तेज हवाएं बिहार के तापमान को लगातार नीचे धकेल रही हैं। हवा की गति अधिक रहने से शरीर पर ठंडक का प्रभाव और तेज महसूस हो रहा है, जिसे मौसम विज्ञान में “विंड-चिल” के रूप में समझा जाता है।
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पिछले 24 घंटों में राज्य का मौसम शुष्क रहा और कहीं भी वर्षा का कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं किया गया। बिहार का अधिकतम तापमान 24.6 से 28.2 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ। मोतिहारी और फॉरबिसगंज दिन के समय सबसे गर्म रहे, जहाँ अधिकतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस पहुंचा। वहीं न्यूनतम तापमान के मामले में एक बार फिर सबौर सबसे ठंडा स्थान रहा। पूर्णिया में दृश्यता घटकर 500 मीटर तक पहुंची, हालांकि हालात गंभीर नहीं रहे।
मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान में बताया गया है कि अगले सात दिनों तक पूरे राज्य का मौसम शुष्क रहेगा। अगले दो दिनों में कुछ जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति बन सकती है, लेकिन घने कोहरे की आशंका फिलहाल नहीं है। विभाग का कहना है कि अधिकतम तापमान अगले 4–5 दिनों तक लगभग स्थिर रहेगा, जबकि रात के न्यूनतम तापमान में भी कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं दिखेगा। यानी फिलहाल बिहार में ठंड अपने मौजूदा रूप में जारी रहेगी और सुबह-शाम ठिठुरन का असर महसूस होता रहेगा।






















