बिहार सरकार सुपौल से बांका तक लगभग 225 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनाने की तैयारी में है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 8000 करोड़ रुपये बताई जा रही है।यह मार्ग नेपाल की राजधानी काठमांडू से सीधे जुड़ेगा और सुल्तानगंज-अगुवानी घाट फोरलेन पुल (जो गंगा नदी पर निर्माणाधीन है) को प्रमुख हिस्सा बनाते हुए आगे बढ़ेगा। कॉरिडोर का रूट सुपौल के भीमनगर से शुरू होकर मधेपुरा, सहरसा, पसराहा,अगुवानी घाट, सुल्तानगंज होते हुए बांका के चानन तक जाएगा,
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जिससे नेपाल के काठमांडू तक कनेक्टिविटी मजबूत होगी।यह परियोजना पशुपतिनाथ-बैद्यनाथ धाम हाई-स्पीड कॉरिडोर का हिस्सा मानी जा रही है, जो नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर से बिहार होते हुए झारखंड के बैद्यनाथ धाम (देवघर) तक विस्तारित होगी। हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में इसकी कुल लंबाई 250 किमी बताई गई है, लेकिन सुपौल-बांका सेगमेंट मुख्य रूप से 225 किमी का ग्रीनफील्ड हिस्सा है।
इस कॉरिडोर से विशेष रूप से श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को फायदा होगा, क्योंकि कोसी, सीमांचल और नेपाल क्षेत्र से आने वाले यात्री आसानी से सुल्तानगंज पहुंच सकेंगे। साथ ही, व्यापार, पर्यटन, रोजगार और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलेगी।






















