राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार पटना पहुंचने पर बापू सभागार में भाजपा की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Navin Patna) के सम्मान में अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मैं आज पहली बार पटना आया हूं। मैं बिहारवासियों का अभिवादन करना चाहता हूं, जिन्होंने मुझे लगातार बिहार विधानसभा का सदस्य बनने का अवसर दिया। मैंने युवा मोर्चा में लंबे समय तक काम किया है। मैं, उन्हें हमेशा कहता था कि मित्रों, राजनीति को शॉर्टकट नहीं लीजिएगा, राजनीति लांग रन है। मैं इसे आज फिर से दोहराता हूं, मेरे युवा साथियों, अगर हमें पीएम मोदी के सपने को साकार करना है, अगर हमें पीएम मोदी के सपनों का भारत बनाना है, तो हम सबको अपने समय के कालखंड में पुरूषार्थ करना पड़ेगा।

नितिन नवीन ने अपने सम्बोधन में कहा कि जो पार्टियां स्वयं से शुरू होकर स्वयं पर ही खत्म हो जाती हैं, उनसे बिहार और देश का भविष्य उज्ज्वल नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि 2006 में, जब हमने अपने पिता के निधन के बाद राजनीति की शुरुआत की थी, और आज उसे 20 साल होने जा रहे हैं। यही वह समय था, जब हमारे तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष राधा मोहन सिंह ने मुझे पहली बार चुनाव लड़ने को कहा था, और पार्टी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह का आशीर्वाद और पूरी पार्टी का समर्थन मुझे मिला था।
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उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज मैं बिहार की धरती से आभार व्यक्त करता हूं, जो भरोसा उन्होंने मुझ पर जताया है, मैं उसे और आगे ले जाने का प्रयास करूंगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मैं आज पहली बार पटना आया हूं। मैं बिहारवासियों का अभिवादन करना चाहता हूं, जिन्होंने मुझे लगातार बिहार विधानसभा का सदस्य बनने का अवसर दिया। मैंने युवा मोर्चा में लंबे समय तक काम किया है। मैं, उन्हें हमेशा कहता था कि मित्रों, राजनीति को शॉर्टकट नहीं लीजिएगा, राजनीति लांग रन है। मैं इसे आज फिर से दोहराता हूं, मेरे युवा साथियों, अगर हमें पीएम मोदी के सपने को साकार करना है, अगर हमें पीएम मोदी के सपनों का भारत बनाना है, तो हम सबको अपने समय के कालखंड में पुरूषार्थ करना पड़ेगा।
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उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्रवाद की प्रेरणा दी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अंत्योदय की परिकल्पना हमारे सामने रखी, और आज हमारी सरकारें उसी परिकल्पना के साथ काम कर रही हैं। अटल बिहारी वाजपेयी ने सुशासन का मंत्र दिया, और आज भाजपा की सरकारें इन तीनों महापुरुषों के विचारों से संचालित हो रही हैं। हम सबको यह याद रखना है कि राजनीति करने से पहले हमें सामाजिक बनने की आवश्यकता है। हमें अपने लोगों के साथ जुड़ना होगा, कार्यकर्ताओं के कंधे पर हाथ रखकर आगे बढ़ना होगा। कार्यकर्ताओं को यह विश्वास दिलाना होगा कि हम बिहार के लिए काम करते हैं, हम देश के लिए काम करते हैं। हम नेशन फर्स्ट की परिकल्पना से काम करते हैं, हम पार्टी नेक्स्ट की परिकल्पना से काम करते हैं, और हम सेल्फ लास्ट की परिकल्पना से काम करते हैं।






















