भाजपा संगठन में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन (Nitin Nabin BJP President) को जल्द ही भारतीय जनता पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है। न्यूज एजेंसी ANI ने पार्टी सूत्रों के हवाले से बताया है कि उनकी नियुक्ति की औपचारिक घोषणा 20 जनवरी को हो सकती है। यदि यह फैसला होता है तो यह न केवल नेतृत्व परिवर्तन होगा, बल्कि 2029 के लोकसभा चुनाव की दिशा में भाजपा की दीर्घकालिक रणनीति का भी स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया 18 से 20 जनवरी के बीच पूरी कर ली जाएगी। नितिन नबीन को अध्यक्ष बनाए जाने की स्थिति में वे इस पद पर पहुंचने वाले अब तक के सबसे युवा नेता होंगे। उनका कार्यकाल जनवरी 2029 तक निर्धारित होगा, हालांकि 2029 में प्रस्तावित लोकसभा चुनाव को देखते हुए उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाए जाने की भी संभावना जताई जा रही है। इससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी नेतृत्व लंबे समय तक स्थिर और युवा नेतृत्व पर भरोसा करना चाहता है।
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भाजपा संगठन इस समय पूरी तरह चुनावी मोड में नजर आ रहा है। पार्टी 15 जनवरी के बाद देशभर के प्रदेश अध्यक्षों को दिल्ली बुलाने की तैयारी कर रही है। इससे पहले भी ऐसा मॉडल अपनाया जा चुका है। वर्ष 2018 में जेपी नड्डा को पहले कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था और बाद में उन्हें स्थायी राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उसी तर्ज पर नितिन नबीन को लेकर भी रणनीति आगे बढ़ती दिख रही है।
पार्टी के संगठनात्मक चुनावों की स्थिति भी नितिन नबीन के पक्ष में मजबूत मानी जा रही है। भाजपा शासित आधे से अधिक राज्यों में संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कुल 37 राज्यों में से 29 राज्यों में आंतरिक चुनावों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। इन राज्यों के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नितिन नबीन के समर्थन में नामांकन पत्रों का एक सेट दाखिल करेंगे। इसके साथ ही भाजपा की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य भी अलग सेट में उनके पक्ष में नामांकन दाखिल करेंगे।
सूत्रों का कहना है कि नितिन नबीन के समर्थन में दाखिल होने वाले नामांकन पत्रों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हस्ताक्षर भी होंगे। इसे संगठन के शीर्ष नेतृत्व की स्पष्ट सहमति और समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। दावा यह भी है कि नितिन नबीन ही एकमात्र उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल करेंगे। ऐसे में भाजपा के मुख्य चुनाव अधिकारी के. लक्ष्मण द्वारा नामांकन पत्रों की जांच के बाद उनके निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की औपचारिक घोषणा की जा सकती है।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर भाजपा शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और प्रदेश अध्यक्षों को दिल्ली में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। इससे यह साफ है कि पार्टी इस बदलाव को बड़े राजनीतिक संदेश के तौर पर पेश करना चाहती है।
नितिन नबीन का राजनीतिक सफर भी उन्हें इस भूमिका के लिए मजबूत दावेदार बनाता है। बिहार सरकार में मंत्री रहे नितिन नबीन को 14 दिसंबर को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। 45 वर्षीय नबीन वर्ष 2010 से बिहार की बांकीपुर सीट से लगातार विधायक हैं और संगठन तथा सरकार दोनों स्तरों पर उनका अनुभव उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त बनाता है।
गौरतलब है कि भाजपा ने वर्ष 2020 में जेपी नड्डा को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया था। 2024 में उनका कार्यकाल समाप्त हो गया था, लेकिन उसके बाद से वे विस्तार यानी एक्सटेंशन पर कार्य कर रहे थे।






















