भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री ने घुसपैठ को लेकर कोई बात कही है तो उसके पीछे ठोस और तथ्यात्मक आधार जरूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ का रास्ता पश्चिम बंगाल होकर लंबे समय से बना हुआ है और यह कोई नई प्रक्रिया नहीं है। उनका आरोप था कि पश्चिम बंगाल की सरकार वोट बैंक की राजनीति के चलते इस गंभीर समस्या पर आंखें मूंदे हुए है, जबकि इसका सीधा असर देश की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक संतुलन पर पड़ता है।
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि घुसपैठ की यह प्रक्रिया दशकों पुरानी है और इसे केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रखने के बजाय केंद्र और राज्य सरकारों को समन्वय के साथ ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। उनके अनुसार, जब तक इस मुद्दे पर गंभीर और निष्पक्ष नीति नहीं बनेगी, तब तक देश में सामाजिक तनाव की स्थितियां बनी रहेंगी।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा RSS पर लगाए गए आरोपों को लेकर भी बृजभूषण शरण सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अक्सर ऐसे मुद्दे उठाते हैं जिनसे विवाद पैदा हो, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक विशाल सामाजिक संगठन है जो देश और हिंदुत्व दोनों के लिए कार्य करता है। उन्होंने याद दिलाया कि RSS प्रमुख मोहन भागवत कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि संघ किसी एक वर्ग या पार्टी के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के हित में काम करता है। बृजभूषण शरण सिंह के मुताबिक, संघ को राजनीतिक चश्मे से देखने की प्रवृत्ति देश के सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करती है।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर भी उन्होंने गहरी चिंता जताई। उनका कहना था कि आज बांग्लादेश में हिंदुओं की आबादी जिस तेजी से घट रही है, वह अपने आप में गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने देश के बंटवारे के समय और वर्तमान आंकड़ों की तुलना करते हुए कहा कि वहां हिंदुओं पर लगातार हमले, जबरन पलायन और उत्पीड़न की खबरें सामने आती रहती हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इस मानवीय और सांस्कृतिक संकट पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
RSS प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान पर कि संघ को भाजपा के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए, बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यह बात पूरी तरह स्पष्ट है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कोई राजनीतिक दल नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाला संगठन है। उनके अनुसार, संघ का मूल उद्देश्य राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और सेवा भावना को मजबूत करना है।
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वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर लगे एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब खींचने के आरोपों को लेकर चल रहे विवाद पर भी उन्होंने संतुलित प्रतिक्रिया दी। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्होंने उस घटना का वीडियो देखा है और असली सवाल मुख्यमंत्री की मंशा को लेकर है। उनके अनुसार, उस दृश्य में किसी प्रकार की बेइज्जती या दुर्भावना नहीं, बल्कि एक ममता भरा भाव नजर आता है। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित डॉक्टर ने नौकरी ज्वाइन की या नहीं, यह न तो उन्हें पता है और न ही यह उनके लिए कोई राजनीतिक मुद्दा है।
अंत में बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि देश की राजनीति को ऐसे विषयों पर केंद्रित होना चाहिए जो विकास, एकता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करें। उनके अनुसार, बार-बार विवादित मुद्दों को उछालने से जनता का ध्यान भटकता है और असली समस्याएं पीछे छूट जाती हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि देशहित को सर्वोपरि रखते हुए सकारात्मक राजनीति की दिशा में आगे बढ़ें।






















