देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट (Budget 2026) पेश करते हुए मोदी सरकार की आर्थिक दिशा और प्राथमिकताओं को सामने रखा। बजट से पहले बिहार में उम्मीदों का माहौल था। राज्य के लोग और उद्योग जगत इस बार किसी बड़े ऐलान की प्रतीक्षा में थे, लेकिन बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने बिहार का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया। यही बात बजट के बाद बिहार में चर्चा और बहस का केंद्र बन गई।
हालांकि, पूरी तरह से बिहार की अनदेखी भी नहीं हुई। वित्त मंत्री ने पटना का जिक्र करते हुए यहां जहाजों की मरम्मत के लिए एक केंद्र खोलने की घोषणा की। इसके अलावा पटना-वाराणसी फ्रेट कॉरिडोर और वाराणसी-सिलीगुड़ी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान किया गया, जिसे पूर्वी भारत के लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी के लिए अहम माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि इन परियोजनाओं से बिहार को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा हो सकता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या इससे राज्य की आर्थिक चुनौतियां दूर होंगी।
बजट के बाद बिहार के उद्योगपतियों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं। कई उद्योगपतियों का मानना है कि बजट देश के समग्र विकास को ध्यान में रखकर बनाया गया है, लेकिन बिहार जैसे पिछड़े राज्यों के लिए इसमें कोई विशेष पैकेज या ठोस योजना नहीं दिखती। बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रामलाल खेतान ने साफ शब्दों में कहा कि बिहार को अलग से बूस्टर डोज की जरूरत है। उनका कहना है कि बिहार में प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से काफी कम है और जब तक इसे बढ़ाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक तेजी से औद्योगिक विकास संभव नहीं है।
रामलाल खेतान के अनुसार, बजट में संभावनाओं का दरवाजा जरूर खुला है, लेकिन बिहार के इंडस्ट्री सेक्टर को सीधे तौर पर कुछ खास नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए केंद्र सरकार को विशेष प्रोत्साहन योजनाएं लानी होंगी, तभी बिहार राष्ट्रीय विकास की रफ्तार के साथ कदम मिला सकेगा।
वहीं दूसरी ओर, राजनीतिक प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत सकारात्मक रही। बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय सरावगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बजट की सराहना करते हुए लिखा कि यह बजट आत्मनिर्भरता, विकास और समावेशी प्रगति का स्पष्ट रोडमैप है। उनके मुताबिक, यह बजट विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देता है और नए अवसरों के साथ स्थायी विकास की नींव रखता है।
संसद में बजट पेश होने के बाद बिहार के डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने भी बजट 2026 को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने अपने भाषण में सेमीकंडक्टर से जुड़े पूरे इन्फ्रास्ट्रक्चर को खड़ा करने की बात कही है, जो भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए अहम है। इसके साथ ही हाईस्पीड ट्रेन, कारखानों के विस्तार और जलमार्ग परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट आने वाले वर्षों में देश की विकास गाथा को नई दिशा देगा।






















