बजट सत्र 2026 के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण (President Address Budget) पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की प्रतिक्रिया ने सत्तापक्ष की प्राथमिकताओं और दीर्घकालिक विजन को नए कोण से सामने रखा। उन्होंने कहा कि अभिभाषण केवल औपचारिक वक्तव्य नहीं था, बल्कि पिछले 11 वर्षों में सरकार के कामकाज, नीतिगत निरंतरता और गरीब कल्याण की योजनाओं के जमीनी असर का समग्र दस्तावेज था। चिराग पासवान के मुताबिक, राष्ट्रपति ने उन पहलों को मजबूती से रखा जिनका लाभ सीधे समाज के कमजोर वर्गों तक पहुंचा है और जिनसे शासन की दिशा स्पष्ट होती है।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बीते एक दशक में अलग-अलग क्षेत्रों में हुए प्रयासों का विस्तार से उल्लेख किया गया। बुनियादी ढांचे से लेकर सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सुधारों तक, सरकार ने जिन मोर्चों पर प्रगति की, उसका समेकित चित्र अभिभाषण में दिखाई दिया। वैश्विक स्तर पर चल रही प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद भारत के तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभरने का उल्लेख इस बात का संकेत है कि नीतियों की स्थिरता और क्रियान्वयन की क्षमता ने देश को नई गति दी है।
चिराग पासवान ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि स्पष्ट रोडमैप है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लक्ष्य तक पहुंचने के लिए जिस जमीन को तैयार किया गया है, उसी की झलक राष्ट्रपति के अभिभाषण में दिखी। उनके अनुसार, यह विजन दीर्घकालिक है, जिसमें आर्थिक मजबूती के साथ सामाजिक समावेशन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की भूमिका को समान महत्व दिया गया है।
इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे विषयों पर विश्वास करना कठिन होता है। उन्होंने अजीत पवार को जमीन से जुड़े नेता बताते हुए कहा कि उनकी अपने विषयों पर गहरी पकड़ थी। चिराग पासवान के अनुसार, उनका जाना केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि देश की राजनीति के लिए भी बड़ी क्षति है। उन्होंने पार्टी की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में संबल की कामना की।






















