बिहार में शिक्षा व्यवस्था (Education System) का स्तर काफी नीचे गिर चुका है। यहां बच्चों के भविष्य के साथ खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा हैं। वहीं बिहार में सरकार के अधिकारी जुगाड़ वाले टेक्नालॉजी से कार्य करते है। एक ऐसा ही जुगाड़ वाला मामला मोतिहारी के महाराजा हरेंद्र किशोर कॉलेज में देखने को मिला है। जहां बिहार बोर्ड वालों के लिए इंटर एक्जाम का सेंटर दिया गया है।
अधिकारीयों की लापरवाही
इस कॉलेज में अधिकारियों ने लापरवाही कि सारी हदें पार कर दी हैं। बता दें की कॉलेज में दूसरी पाली का परीक्षा का समय दो बजे से निर्धारित था पर वहां 4 बजे तक छात्रों को प्रश्न पत्र और पेपर नहीं दिया गया। जिसके बाद छात्र कॉलेज के अंदर और अभिभावक कॉलेज के बाहर हंगामा करने लगे। तभी स्थानीय प्रशासन की पहल पर 04:05 बजे से परीक्षा शुरू हुई। नतीजन छात्रों को पेपर लिखते लिखते अँधेरा होने लगा। वहीं उस कालेज में कोई बिजली या रौशनी की व्यवस्था नहीं की गई थी, जिस कारण अभिभावकों ने केंद्र पर जमकर बवाल किया।
हेड लाइट कि रौशनी में पूरी हुई परीक्षा
मामले कि सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल को मौके पर भेजा गया। जहां पुलिस ने अपनी गाड़ी का हेड लाइट जला कर, उसकी रौशनी में बच्चों को परीक्षा पूरी कराई। बता दें कि इस मामले में जिलाधिकारी ने केंद्राधीक्षक को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है। हालांकि इस पूरे घटना पर मीडिया को कुछ भी बताने से एहतियात बरती जा रही है।