Cervical Cancer से बचाव के लिए भारत की अपनी स्वदेशी वैक्सीन बनकर तैयार हो चुकी है। गुरुवार, 1 सितंबर को यह लांच कर दी गई। विज्ञान और प्रोद्योगिकी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉक्टर जितेंद्र सिंह इस वैक्सीन को दिल्ली में लांच किया। इसे सीरम इंस्टीट्यूट और डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी ने साथ मिलकर इसे तैयार किया है। इसका नाम क्वॉड्रिवैलेंट ह्यूमन पैपिलोमा वायरस वैक्सीन (qHPV) वैक्सीन रखा गया है।
पहला स्वदेशी टीका : मंत्री

भारत सरकार के विज्ञान और प्रोद्योगिकी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने कहा है कि भारत सर्वाइकल कैंसर के लिए स्वदेशी रूप से विकसित पहला टीका लेकर आया है। जो कम उम्र की महिलाओं में प्रचलित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसके लिए आभार।
कुछ महीनों में होगा उपलब्ध : सीरम इंस्टीट्यूट

वहीं सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा है कि सर्वाइकल कैंसर का टीका कुछ महीनों में उपलब्ध हो जाएगा। पहले देश को देंगे और बाद में दुनिया को देंगे। इसकी कीमत 200-400 रुपये के बीच हो सकती है। लेकिन कीमत अभी तक फाइनल नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि हम कुछ महीनों में कीमत की घोषणा करेंगे। आने वाले 2 साल में 20 करोड़ डोज बनाने की तैयारी है।
देश में हर साल 67 हजार मौतें
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में हर साल सर्वाइकल कैंसर के लगभग 1.23 लाख केसेज आते हैं। वहीं WHO का कहना है कि इनमें 67 हजार की मौत हो जाती है। नई वैक्सीन से HPV के खिलाफ ऐंटीबॉडीज बनेंगी। इस वैक्सीन की कीमत का खुलासा तो अभी नहीं हुआ है। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह महंगी नहीं होगी।
किशोरियों पर कारगर
डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के मुताबिक नई वैक्सीन VLP (Vaccine Like Particles) पर आधारित होगी। जैसी हेपेटाइटिस B की वैक्सीन होती है। यह HPV वायरस की L1 प्रोटीन के खिलाफ ऐंटीबॉडीज बनाकर सुरक्षा देगी। यह vaccine खासतौर पर भारत की 9 से 14 साल की उम्र की लड़कियों के लिए उपयोगी होगी। इसके लगने के बाद इन्फेक्शन से 30 साल बाद तक बचाव होगा और कैंसर नहीं होगा।




















