छपरा शहर की ऐतिहासिक पहचान और अंग्रेजी शासनकाल की स्थापत्य कला का गवाह रहा 200 वर्ष पुराना सदर अस्पताल (Chapra Sadar Hospital Demolition) का खंडहर अब इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है. अंग्रेजों द्वारा करीब दो शताब्दी पहले चूना और सुरखी से तैयार किया गया यह भवन आज भी अपनी अद्भुत मजबूती और इंजीनियरिंग का बेहतरीन उदाहरण माना जाता है. ठेकेदारों की टीम ने आज से इसे गिराने का काम आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया है ताकि इसकी जगह आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस 50 बेड वाला CCU भवन तैयार किया जा सके.
छपरा सदर अस्पताल के पुराने भवन की 20 इंच मोटी दीवारें आज भी मजबूत खड़ी हैं, जबकि समय की मार और रखरखाव की कमी ने इसे खंडहर में बदल दिया है. सबसे दिलचस्प यह है कि इस भवन की दीवारों पर पीपल और बड़-पाकड़ जैसे लगभग एक दर्जन विशाल वृक्ष उगे हुए हैं, जिनका वजन दीवारें आज भी संभाले हुए हैं. इस बात से अंग्रेजी इंजीनियरिंग की गुणवत्ता और निर्माण तकनीक का अंदाजा लगाया जा सकता है कि इतने भारी पेड़ों के दबाव के बावजूद इतनी पुरानी दीवारों में सिर्फ हल्की दरारें आईं, ढहाव नहीं.
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खंडहर बने इस भवन के गिराए जाने के दौरान कई विषैले सांप भी बाहर निकल आए. अब तक करीब आधा दर्जन छोटे-बड़े सांप मिल चुके हैं और आशंका है कि इस मलबे में और भी बड़े सर्प छिपे हो सकते हैं. ठेकेदारों के अनुसार इस भवन से निकलने वाली ईंटें आज की ईंटों की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हैं, जिन्हें निर्माण सामग्री के रूप में बेचने की योजना बनाई गई है. इन ईंटों की कठोरता आज के आधुनिक निर्माण मानकों को भी चुनौती देती है.
इस ऐतिहासिक ढांचे के हटने के साथ ही इलाके को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़ा लाभ मिलने जा रहा है. सदर अस्पताल में पहले से ICU की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन हार्ट अटैक व गंभीर हृदय रोगियों के लिए अब तक CCU की सुविधा नहीं थी, जिसके अभाव में मरीजों को तत्काल अन्य शहरों में रेफर करना पड़ता था. नए 50 बेड के CCU भवन के निर्माण से अब हृदय संबंधी आपात मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा और उनकी जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी.
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नए CCU की शुरुआत छपरा और आसपास के जिलों के लाखों मरीजों के लिए राहतभरी खबर है. जहां पुराना भवन अपनी इंजीनियरिंग की मजबूती के लिए याद किया जाएगा, वहीं नया निर्माण स्वास्थ्य तंत्र की मजबूती का प्रतीक बनेगा. यह बदलाव इतिहास और आधुनिकता के संगम की एक मिसाल साबित होगा.
(रॉकी सिंह बजरंगी)
















