बिहार सरकार ने जीविका दीदियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे राज्य की कम्युनिटी लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) को आयकर में बड़ी छूट मिली है। इस साल सीएलएफ को 67 करोड़ रुपये से अधिक की आयकर छूट प्राप्त हुई है। यह राशि सीधे जीविका दीदियों के रोजगार सृजन, पूंजी सुदृढ़ीकरण और उनके आर्थिक सशक्तिकरण में काम आएगी।
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सीएलएफ को यह छूट इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80P के तहत मिली है, क्योंकि ये सहकारी अधिनियम के तहत पंजीकृत हैं। बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन समिति (BRLPS – जीविका) के प्रयासों से समय पर ITR फाइलिंग और इस धारा के लाभ का दावा किया गया, जिससे यह बड़ी बचत हुई।राज्य में कुल 1684 सीएलएफ गठित हैं। इनमें से प्रत्येक सीएलएफ को औसतन लगभग 5 लाख 45 हजार रुपये की अतिरिक्त मजबूती मिलेगी। राज्य के हर प्रखंड में तीन-तीन सीएलएफ हैं, इसलिए प्रति प्रखंड करीब 16 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता जीविका दीदियों तक पहुंच सकेगी।
ये सीएलएफ उत्पादक कंपनियां चला रही हैं, कृषि बैंक संचालित कर रही हैं और विभिन्न रोजगार गतिविधियों को बढ़ावा दे रही हैं। इस छूट से इनके कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा, जिससे ग्रामीण महिलाओं की स्वरोजगार क्षमता और बढ़ेगी।






















