बिहार में कानून-व्यवस्था और शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि अपराध नियंत्रण में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पुलिस को हर हाल में सतर्क व सक्रिय रहना होगा।
शनिवार को एक अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने मद्य निषेध और विधि-व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से गहन चर्चा की। बैठक में पुलिस महानिदेशक, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और मद्य निषेध विभाग के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि त्योहारी सीजन में असामाजिक तत्वों पर विशेष निगरानी रखी जाए और पुलिस गश्ती में कोई कोताही न हो।
कानून-व्यवस्था पर सख्ती: ‘अपराध पर जीरो टॉलरेंस’
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में किसी भी प्रकार का अपराध बढ़ने नहीं दिया जाएगा। पुलिस को चौकस रहने की जरूरत है, खासकर पर्व-त्योहारों के दौरान। उन्होंने कहा कि गश्ती दलों को रात-दिन सक्रिय रहना होगा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करनी होगी।
मुख्यमंत्री का यह संदेश साफ था— अपराधियों के लिए बिहार में कोई जगह नहीं है। हर पुलिस थाने को यह सुनिश्चित करना होगा कि अपराध नियंत्रण के लिए तत्काल कार्रवाई हो और जनता को सुरक्षा का अहसास हो।
शराबबंदी पर मुख्यमंत्री का दो-टूक संदेश: ‘सख्ती जारी रहेगी’
बैठक के दौरान शराबबंदी के प्रभाव और इसे और प्रभावी बनाने के उपायों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शराबबंदी का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने इस फैसले के सकारात्मक प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा कि पहले लोग अपनी कमाई शराब में उड़ा देते थे, अब वही पैसा घर-परिवार की जरूरतों में लग रहा है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, समाज में शांति और भाईचारा बढ़ा है।
नीतीश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शराब के नुकसान और इसके दुष्प्रभावों को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने शराबबंदी से प्रभावित ताड़ी व्यवसायियों के लिए वैकल्पिक रोजगार के प्रबंध पर जोर दिया, ताकि उनका जीवन सुचारू रूप से चलता रहे।
बैठक में मौजूद थे राज्य के शीर्ष अधिकारी
इस अहम बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी, मद्य निषेध विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।