दलितों वोटरों को लुभाने के लिए जदयू ने आज यानी 26 नवंबर को एक बड़ा आयोजन किया है। इस कार्यक्रम का नाम भीम संसद दिया गया है। राजधानी पटना के वेटनरी कॉलेज मैदान में इस कार्यक्रम को सीएम नीतीश कुमार भी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर बिहार में राजनीति भी गर्म है। लोक जनशक्ति पार्टी(रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी जदयू पर निशाना साधा। उन्होंने बिहार के सीएम नीतीश कुमार को दलित विरोधी भी बताया। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी का नेता की मानसिकता दलित विरोधी है वह पार्टी खुद को दलितों का बड़ा हितैषी बता रही है।
“दलितों पर हो रहे अत्याचार का जवाब दें JDU”
चिराग पासवान ने कहा है कि जेडीयू भीम संसद कर रही है यह अच्छी बात है लेकिन उस भीम संसद में यह भी बताए कि बिहार में दलितों पर जो अत्याचार हो रहा है, क्या इसका जवाब उसके पास है? बिहार में आए दिन दलितों की हत्याएं हो रही हैं, चुन चुनकर दलित युवकों की गला रेतकर हत्या की जा रही है। दलित बच्चियों के साथ रेप की घटनाएं हो रही हैं। चौकीदार का काम करने वाले दलित समाज के लोगों की हत्याएं की जा रही हैं। जेडीयू जब भीम संसद कर रही है तो क्या इन बातों का जवाब उसके नेताओं के पास है?
“CM नीतीश की सोच दलित विरोधी“
चिराग पासवान ने कहा कि दलित समाज से आने वाले लोगों का प्रमोशन में रिजर्वेशन को रोक दिया जाता है, क्या इसका जवाब जेडीयू के पास है। बिहार में पिछले 18-19 वर्षों में जब से नीतीश कुमार की सरकार है, हर कोई नीतीश कुमार की दलित विरोधी सोंच रही है। मुख्यमंत्री ने भरी सदन नें जिस तरीके की भाषा का इस्तेमाल दलित समाज से आने वाले पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के साथ की, उसे सभी लोगों ने देखा और सुना है। ऐसे में भीम संसद कर दिखावा किया जा रहा है कि जेडीयू दलितों की हितैषी है।




















