नए साल में पहली बार पटना पहुंचे केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने बिहार की सियासत को लेकर कई अहम बयान दिए। एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में चल रहे ‘लैंड फॉर जॉब’ मामले पर टिप्पणी की और कहा कि न्यायपालिका अपने स्तर पर निष्पक्ष रहती है, कोर्ट में जो आरोप सिद्ध होंगे उसी आधार पर फैसला आएगा और वही मान्य होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले को लेकर अनावश्यक राजनीतिक रंग देने की आवश्यकता नहीं है।
इसी दौरान रोहिणी आचार्य द्वारा किए गए एक ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए चिराग पासवान ने कहा कि यह उनके घर का मामला है लेकिन सच यह है कि ऐसे दृश्य किसी भी परिवार के लिए दुखद होते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार से इस तरह की तस्वीरें या बयान अच्छे नहीं लगते और समाज में गलत संदेश जाता है।
भारत रत्न नीतीश कुमार जी… मांझी ने भी KC त्यागी की मांग का किया समर्थन
चिराग पासवान ने बिहार की मौजूदा सरकार पर भी आशा जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि 2026 का यह साल राज्य के लिए विकास का साल होगा, उद्योगों में बढ़ोतरी होगी, युवाओं को रोजगार मिलेगा और बिहार तरक्की की राह पर आगे बढ़ेगा। उनके अनुसार, केंद्र की योजनाओं और राज्य के प्रयासों से नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
इसी बीच राजनीतिक गलियारों में जेडीयू नेता केसी त्यागी द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न दिए जाने की मांग पर भी चर्चा तेज है। इस पर चिराग पासवान ने कहा कि नीतीश कुमार पिछले दो दशकों से बिहार का नेतृत्व कर रहे हैं और बेशक उनके द्वारा किए गए कई कार्यों की सराहना की जानी चाहिए। हालांकि, भारत रत्न देश का सर्वोच्च सम्मान है और इसके लिए कई प्रक्रियाएँ हैं, परन्तु वे मानते हैं कि नीतीश कुमार इसके काबिल हैं।
हालाँकि, जेडीयू के अंदर इस बयान को लेकर राय एकमत नहीं दिखी। बिहार के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि यह पार्टी की राय नहीं बल्कि केसी त्यागी की निजी राय है और जेडीयू में इस पर अब तक कोई चर्चा नहीं हुई है। वहीं मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने भी इसी तरह की प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे इस पर ज्यादा बोल नहीं सकते लेकिन त्यागी के बयान में उन्हें कोई बुरी बात नहीं दिखी है।






















