केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के तेवर बदले हुए हैं। चिराग पासवान के तेवर बिहार चुनाव से पहले थोड़े बागी दिख रहे हैं। BPSC जैसे मुद्दे पर एनडीए एकजुट रहा है लेकिन चिराग पासवान एनडीए सरकार पर ही बरस रहे हैं।
चिराग पासवान ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में लापरवाही और अनियमितताओं को लेकर छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और इस पर तुरंत सुधार किया जाना चाहिए।
“छात्रों की शिकायतें सुनना जरूरी” – चिराग पासवान
चिराग पासवान ने दावा किया कि उनके परिवार के कुछ लोगों ने भी BPSC की परीक्षा दी और वहां व्यवस्था की खामियां देखीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं थे, जबकि कुछ प्रश्न सोशल मीडिया पर लीक हो गए। उन्होंने सवाल किया कि “आपने केवल एक सेंटर का री-एग्जाम क्यों कराया?”
उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं को उजागर करते हुए कहा कि यदि किसी छात्र को 1 नंबर का भी अनुचित लाभ मिलता है, तो यह गलत है।
री-एग्जाम और SOP लागू करने की मांग
चिराग पासवान ने छात्रों द्वारा री-एग्जाम की मांग का समर्थन किया और कहा कि बिहार लोक सेवा आयोग को इस मामले को गंभीरता से लेना होगा। उन्होंने दोहराया कि परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि परीक्षा दोबारा आयोजित की जाए और सभी मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) का पालन किया जाए।
“हर मंच पर उठाऊंगा यह मुद्दा”
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह इस मुद्दे को हर मंच पर उठाते रहेंगे और छात्रों को न्याय दिलाने के लिए पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग से आग्रह किया कि वे छात्रों की बात सुनें और परीक्षा प्रणाली को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाएं।