नए साल के पहले दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar News) घने कोहरे के बीच अपने परिवार के साथ पैतृक गांव पहुंचे। यह दौरा केवल औपचारिक नहीं था, बल्कि निजी स्मृतियों और जनसंवाद से जुड़ा हुआ रहा। मुख्यमंत्री ने स्मृति वाटिका में अपनी माता स्वर्गीय परमेश्वरी देवी की 16वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान माहौल पूरी तरह भावुक और शांत दिखाई दिया।

मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन ने पहले से व्यापक तैयारियां कर रखी थीं। कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। घने कोहरे के बावजूद मुख्यमंत्री का काफिला निर्धारित समय पर गांव पहुंचा, जिससे प्रशासनिक मुस्तैदी भी साफ झलकी। यह दौरा यह भी दर्शाता है कि निजी जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों पर मुख्यमंत्री अपने गांव और अपनी जड़ों से जुड़े रहना प्राथमिकता मानते हैं।
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श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गांव के लोगों से मुलाकात की और उनकी बातें गंभीरता से सुनीं। स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं, जरूरतें और अपेक्षाएं सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखीं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश देते हुए यह संकेत दिया कि शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी केवल राजधानी तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों तक उसकी सीधी पहुंच जरूरी है। नव वर्ष के अवसर पर मुख्यमंत्री ने गांववासियों को शुभकामनाएं भी दीं और सभी के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।






















