बिहार के ऐतिहासिक और पर्यटन दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल केसरिया में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar Kesariya) का दौरा आज राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना रहा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के साथ केसरिया पहुंचे, जहां उन्होंने सबसे पहले बौद्ध स्तूप के सामने बन रहे अत्याधुनिक टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों के साथ विस्तार से बातचीत करते हुए उन्होंने प्रोजेक्ट की प्रगति और आवश्यक सुधारों को लेकर कई निर्देश भी दिए।
केसरिया पहुंचने पर स्थानीय विधायक शालिनी मिश्रा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने फैसिलिटी सेंटर का जायजा लिया, जिसका उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर में पार्किंग, गाइड सेंटर, सूचना कियोस्क, विश्राम स्थल और आधुनिक सुविधाओं से लैस पर्यटक सूचना प्रणाली तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हो और तय समय पर पूरा हो, ताकि केसरिया का पर्यटन ढांचा और मजबूत हो सके।
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फैसिलिटी सेंटर के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीधे दुनिया के सबसे बड़े और प्राचीन केसरिया बौद्ध स्तूप पहुंचे। यह स्तूप न केवल बिहार बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक धरोहरों में अपनी अनूठी पहचान रखता है। मुख्यमंत्री ने स्तूप की संरचनात्मक दशा, सुरक्षा व्यवस्था और इसके संरक्षण से जुड़े चल रहे कार्यों की बारीकी से समीक्षा की। जिलाधिकारी और स्थानीय विधायक शालिनी मिश्रा ने उन्हें स्तूप के विकास से जुड़े सभी कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री जल्द ही केसरिया बौद्ध स्तूप के विकास और संरक्षण को लेकर एक बड़ी घोषणा कर सकते हैं। माना जा रहा है कि सरकार स्तूप परिसर को अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में नए कदम उठाने की तैयारी में है। इससे न सिर्फ पूर्वी चंपारण के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।


















