वाराणसी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय जनसंपर्क कार्यालय पहुंच गए। बिना किसी पूर्व सूचना के सीएम की मौजूदगी ने वहां पहले से मौजूद फरियादियों और अधिकारियों को चौंका दिया। इस आकस्मिक दौरे में मुख्यमंत्री ने जनसामान्य की समस्याएं खुद सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
हर समस्या का तत्काल समाधान हो—मुख्यमंत्री
सीएम योगी वाराणसी के जवाहर नगर स्थित पीएम मोदी के कार्यालय में पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक व्यक्ति की बात ध्यान से सुनी और मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी शिकायत लंबित न रहे और हर समस्या का समाधान शीघ्रता और गुणवत्ता के साथ हो।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि देश के हर नागरिक के चेहरे पर खुशहाली आए, और राज्य सरकार इसी दृष्टि से कार्य कर रही है। गरीबों, किसानों, युवाओं और व्यापारियों की समस्याओं का समाधान सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।
जनसेवा को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता
सीएम योगी के इस औचक दौरे ने साफ संकेत दिया कि राज्य सरकार जनता की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है। प्रदेश सरकार जनता दरबार, हेल्पलाइन और शिकायत निवारण पोर्टल जैसे माध्यमों से पहले ही सीधे जुड़ाव बनाए हुए है। अब मुख्यमंत्री खुद जमीनी स्तर पर सक्रिय होकर जनता की बात सुन रहे हैं। दौरे के दौरान राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
विकास कार्यों की समीक्षा और कड़ी चेतावनी
सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए वाराणसी में विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की। सर्किट हाउस सभागार में हुई बैठक में उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं का शिलान्यास या लोकार्पण होना है, उनकी तैयारी समय पर पूरी हो।
नमो घाट पर नाराजगी, जल्द मरम्मत के आदेश
नमो घाट पर भूमि धंसने की घटना पर सीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्माण गुणवत्ता की जांच और तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए। साथ ही वरुणा रिवर फ्रंट के सौंदर्यीकरण कार्य को तेज करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने को कहा। मुख्यमंत्री ने राजा तालाब स्थित मेहंदीगंज में प्रधानमंत्री की प्रस्तावित जनसभा स्थल का निरीक्षण भी किया और व्यवस्था को लेकर विस्तृत निर्देश दिए—जिसमें पेयजल, छाया, मोबाइल टॉयलेट और सुरक्षा का समुचित प्रबंध शामिल है। सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, और अन्न योजना जैसे कार्यक्रमों का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि कोई गरीब अगर योजना से वंचित है, तो तुरंत कार्रवाई कर उसे लाभ पहुंचाया जाए।
जल जीवन मिशन पर सीएम की नाराजगी
बैठक में जल जीन मिशन के तहत 211 ग्राम पंचायतों में नल योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए सीएम ने संबंधित चीफ इंजीनियर को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में अधिकारी पूरी तैयारी के साथ बैठक में आएं। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस आयुक्त से जानकारी ली और निर्देश दिए कि महिला अपराधों, लूटपाट और चेन स्नेचिंग जैसी घटनाओं पर रोक के लिए फुट पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए। साथ ही, गौ-तस्करी, लव जिहाद और धर्मांतरण जैसी गतिविधियों पर भी तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम योगी ने हरिशचंद्र और मणिकर्णिका घाट पर निर्माण कार्यों को मानसून से पहले पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने शवदाह क्रिया में गोबर के कंडों के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही। स्वच्छता अभियान को जनभागीदारी के साथ चलाने की जरूरत पर भी जोर दिया और सिंगल यूज प्लास्टिक पर सख्ती से रोक लगाने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने नगर निगम और विकास प्राधिकरण को निर्देशित किया कि गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति बाधित न हो और ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण के नक्शों की स्वीकृति में अनावश्यक देरी न हो।