हिमालयी क्षेत्र में तेज़ हिमपात का असर अब भारत-गंगा के मैदानी इलाकों में भी दिखाई दे रहा है, जिसके चलते बिहार में बर्फीली हवा (Bihar Cold Wave), लगातार गिरते तापमान और घने कोहरे ने भीषण शीत लहर की स्थिति पैदा कर दी है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 23 जिलों में अगले कुछ दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि ठंड का प्रकोप अभी और बढ़ने वाला है। पटना, समस्तीपुर, भागलपुर, दरभंगा, बेगूसराय और आसपास के शहरों में सुबह और शाम के वक्त तापमान अचानक नीचे गिर जाता है और कोहरे की परत इतनी घनी हो जाती है कि लोगों को अपने सामने कुछ मीटर दूर तक देखना मुश्किल हो जाता है।
समस्तीपुर में न्यूनतम तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन के सबसे कम तापमान में से एक है। राजधानी पटना में भी पारा 9 डिग्री तक लुढ़क गया, जबकि भागलपुर के सबौर क्षेत्र में 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो औसत से काफी नीचे है। IMD के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में न्यूनतम तापमान अगले चार दिनों में 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे Cold Wave की तीव्रता और बढ़ने की आशंका है।
तापमान में गिरावट के साथ-साथ घने कोहरे की समस्या और भयावह हो रही है। पटना, दरभंगा, बेगूसराय और आसपास के कई जिलों में दृश्यता शून्य के करीब पहुँच गई, जिससे सड़क और रेल परिवहन पर बुरा असर पड़ा। यात्रियों को देरी, रद्दीकरण और हादसों के डर के चलते भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने चेताया है कि 8 जनवरी से कोहरे की स्थिति और खराब हो सकती है, जबकि शीत लहर कम से कम 14 जनवरी तक सक्रिय रहने की संभावना है।
बिहार के अरवल, बांका, गया, खगड़िया, कटिहार, पूर्णिया, जमुई, नालंदा, मुंगेर, नवादा और शेखपुरा सहित कई जिलों में भी घने कोहरे और गिरते तापमान की दोहरी मार की चेतावनी दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और हिमाचल-उत्तराखंड में हुई भारी बर्फबारी के बाद ठंडी हवाएँ सीधे बिहार की ओर बढ़ रही हैं, जिसके कारण मैदानी क्षेत्रों में असामान्य ठंड देखने को मिल रही है।

सरकारी स्तर पर एहतियात भी शुरू हो चुके हैं। बेगूसराय और भोजपुर प्रशासन ने स्कूलों को 8 जनवरी तक बंद रखने का आदेश दिया है। संभव है कि आने वाले दिनों में यह अवधि बढ़ाई जाए। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बच्चों, बुजुर्गों और हृदय रोगियों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और शरीर को ठंड से सुरक्षित रखने की सलाह दे रहे हैं। लंबे समय तक चलने वाली इस भीषण ठंड का असर दैनिक जीवन, स्वास्थ्य, यातायात और बिजली की खपत जैसे क्षेत्रों पर साफ तौर पर दिख रहा है, जो आने वाले दिनों में और गहरा सकता है।





















