दरभंगा (Darbhanga Case) में एक मासूम के साथ हुए जघन्य अपराध ने बिहार की सियासत और सामाजिक माहौल को झकझोर कर रख दिया है। घटना के बाद प्रदेश के कई जिलों में स्वतःस्फूर्त विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं और आम लोगों के गुस्से की लहर सड़कों पर दिखने लगी है। इस उबाल के बीच विपक्ष सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवालों की बौछार कर रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने साफ संकेत दिया है कि यदि सरकार ने त्वरित और ठोस कार्रवाई नहीं की, तो विरोध का दायरा और तीखा होगा और आंदोलन व्यापक रूप लेगा।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि बिहार में पीड़ितों, गरीबों और महिलाओं की सुनवाई का तंत्र कमजोर पड़ चुका है। उनका आरोप है कि पुलिस की लगातार विफलता, अपराधों में दोष-सिद्धि की बेहद कम दर और मुख्यमंत्री की चुप्पी ने जनता का भरोसा तोड़ दिया है। इसी वजह से लोग संस्थागत रास्तों पर भरोसा खोकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हो रहे हैं। तेजस्वी का यह बयान केवल राजनीतिक आरोप नहीं, बल्कि बढ़ते जनआक्रोश की ओर इशारा करता है, जो कानून-व्यवस्था के सवाल को एक बार फिर केंद्र में ले आया है।
राज्य की जमीनी हकीकत पर नजर डालें तो हाल के महीनों में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हिंसा, दुष्कर्म और हत्या जैसी घटनाओं की खबरें बार-बार सुर्खियों में रही हैं। तेजस्वी यादव का दावा है कि यह सिलसिला किसी एक जिले या घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में असुरक्षा का माहौल गहराता जा रहा है। उन्होंने सत्ता और अपराधियों के कथित गठजोड़ का आरोप लगाते हुए कहा कि अराजकता और अव्यवस्था की स्थिति आम लोगों के लिए भय का कारण बन रही है। इस तरह के आरोप राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
बिहार के दरभंगा में 6 साल की नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म बाद नृशंस हत्या कर दी गई है। बिहार में पीड़ितों और गरीबों की कहीं कोई सुनने वाला नहीं। पुलिस की रिकॉर्डतोड़ नाकामयाबी, कम दोष-सिद्धि दर और ज्वलंत घटनाओं पर मुख्यमंत्री की अनभिज्ञता के चलते जनता अब सड़कों पर उतर चुकी है। प्रदेश में चहुँओर अराजकता और अव्यवस्था का आलम है। विधि व्यवस्था चरमरा गयी है। अपराधियों और सत्ताधारी नेताओं के गठबंधन में जनता पीस रही है। विगत दिनों में बहन-बेटियों के साथ बलात्कार और हत्या की घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। हालिया घटनाओं की छोटी सी सूची:-
पटना में NEET छात्रा की दुष्कर्म उपरांत हत्या
मधेपुरा में महिला की दुष्कर्म उपरांत हत्या
खगड़िया में 4 वर्षीय बच्ची की दुष्कर्म उपरांत हत्या
मुजफ्फरपुर में महिला की अपहरण बाद हत्या
गोपालगंज में छेड़खानी का विरोध करने पर युवती की हत्या
कैमूर में 14 वर्षीय किशोरी की हत्या
मुंगेर महिला की हत्या
सुपौल में महिला की हत्या
मोतिहारी में युवती की हत्या
कटिहार में महिला की संदिग्ध हत्या
सोनपुर में महिला की हत्या
मुजफ्फरपुर में पांच वर्ष की मासूम से रेप
गोपालगंज के भोरे में 5 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म
मधेपुरा के सिंहेश्वर में नाबालिग छात्रा से गैंगरेप
मोतिहारी में युवती पर बदमाशों ने किया एसिड अटैक
गोपालगंज में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म
छपरा में नाबालिग लड़की से गैंगरेप सत्ता संरक्षण में बलात्कारियों, हत्यारों और अपराधियों के हौसले बुलंद है। ख़ुद सरकार के मंत्री सत्ता संपोषित अपराध को खुलेआम स्वीकार कर रहे है। प्रदेश में अराजकता और अव्यवस्था की स्थिति काफ़ी चिंताजनक तथा मुख्यमंत्री की चुप्पी खतरनाक और आपराधिक है।






















