नई दिल्ली: लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 पारित हो गया है, जिसे लेकर दिल्ली हज कमेटी की अध्यक्ष कौसर जहां ने इसे एक ऐतिहासिक कदम करार दिया है। इस विधेयक के पारित होने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कौसर जहां ने कहा, “यह एक ऐतिहासिक दिन है। वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित होने के बाद आज राज्यसभा में भी पास हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह मील का पत्थर साबित हुआ है।”
कौसर जहां ने आगे कहा कि इस विधेयक के जरिए वक्फ संपत्तियों का सही प्रबंधन और सदुपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने इसे कौम की बेहतरी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस विधेयक में वक्फ बोर्ड और काउंसिल में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने का प्रावधान है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाना है। हालांकि, इस प्रावधान को लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया है। वक्फ संशोधन विधेयक को 2 अप्रैल को लोकसभा में पारित किया गया था, जिसके बाद 3 अप्रैल को राज्यसभा में भी इसे मंजूरी मिल गई।
इस विधेयक में वक्फ संपत्तियों की पहचान, प्रबंधन और बोर्ड की संरचना में बदलाव से संबंधित 40 संशोधन शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति केवल प्रशासनिक कार्यों के लिए है, न कि धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप के लिए। इस विधेयक को लेकर राजनीतिक गलियारों में बहस तेज है। जहां बीजेपी इसे वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता की दिशा में एक कदम बता रही है, वहीं विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने इसे वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश करार दिया है। कौसर जहां, जो फरवरी 2023 से दिल्ली हज कमेटी की अध्यक्ष हैं, ने इस उपलब्धि को सामुदायिक सेवा की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
वे दिल्ली में इस पद पर पहुंचने वाली दूसरी महिला हैं और बीजेपी की अल्पसंख्यक मोर्चा से लंबे समय से जुड़ी रही हैं। इस विधेयक के पारित होने के बाद अब इसकी आगे की प्रक्रिया और इसके प्रभावों पर सभी की नजरें टिकी हैं। वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार और पारदर्शिता लाने के दावों के बीच यह देखना होगा कि यह कानून जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी साबित होता है।