कोलकाता: पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 के समर्थन में एक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। इस विधेयक को लेकर देशभर में बहस छिड़ी हुई है, और इसे लेकर विपक्षी दलों और मुस्लिम संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। ANI द्वारा साझा की गई तस्वीर में सुवेंदु अधिकारी को प्रदर्शन के दौरान एक माइक्रोफोन के साथ देखा जा सकता है, जिसमें उनके आसपास कई प्रदर्शनकारी नजर आ रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने नारंगी स्कार्फ पहने हुए हैं, जो आमतौर पर BJP से जुड़े होते हैं, और कुछ लोग बैनर लिए हुए हैं, जिनमें से एक पर हिंदी में “वक्फ संशोधन विधेयक” लिखा हुआ है। सुवेंदु अधिकारी ने इस मौके पर केंद्र सरकार के फैसले की सराहना करते हुए कहा, “यह (केंद्र सरकार का) एक ऐतिहासिक फैसला है…”। उन्होंने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर वक्फ मुद्दे को वोटबैंक की राजनीति के लिए समय से पहले उठाने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, राज्य सरकार ने संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की रिपोर्ट का इंतजार किए बिना इस मुद्दे को उठाया, जो उनके विचार में गलत था।
वक्फ (संशोधन) विधेयक का पृष्ठभूमि और विवाद
वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने 2 अप्रैल 2025 को लोकसभा में पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य 1995 के वक्फ अधिनियम में सुधार करना है, ताकि वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन अधिक कुशल और पारदर्शी हो सके। विधेयक में कई अहम बदलाव प्रस्तावित हैं, जैसे कि सरकारी संपत्ति को वक्फ के रूप में मान्यता न देना, कलेक्टर को ऐसी संपत्तियों के स्वामित्व का निर्धारण करने का अधिकार देना, और ट्रिब्यूनल के फैसलों की अंतिमता को हटाकर हाई कोर्ट में अपील का प्रावधान करना।
हालांकि, इस विधेयक को लेकर विपक्षी दलों और मुस्लिम संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस के लोकसभा में उपनेता गौरव गोगोई ने इसे संविधान के मूल ढांचे पर हमला करार दिया, जबकि समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने इसे “धर्म में हस्तक्षेप” और “उद्योगपतियों को लाभ पहुँचाने वाला” बताया। दूसरी ओर, BJP और केंद्र सरकार ने इस विधेयक को वक्फ बोर्ड की कमियों को दूर करने और अल्पसंख्यक समुदायों, खासकर पिछड़े मुस्लिमों, को सशक्त बनाने की दिशा में एक कदम बताया है।
सुवेंदु अधिकारी का ममता बनर्जी पर हमला
सुवेंदु अधिकारी, जिन्होंने 2021 के नंदीग्राम चुनाव में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था, ने विधानसभा में अपने भाषण के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने ममता बनर्जी पर वक्फ विधेयक को लेकर गलत जानकारी फैलाने और मुस्लिम समुदाय को भड़काने का आरोप लगाया। अधिकारी ने कहा कि इस विधेयक को पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत नहीं है, बल्कि साधारण बहुमत ही काफी है, जिसके विपरीत ममता बनर्जी ने दावा किया था।
वक्फ संपत्तियों का महत्व
वक्फ संपत्तियाँ वे संपत्तियाँ होती हैं, जिन्हें मुस्लिम कानून के तहत धार्मिक, पवित्र या परोपकारी उद्देश्यों के लिए स्थायी रूप से समर्पित किया जाता है। इनमें मस्जिदों, कब्रिस्तानों, शैक्षिक संस्थानों और गरीबों के लिए वित्तीय सहायता जैसे कार्य शामिल हैं। भारत में वक्फ संपत्तियों की संख्या 8.72 लाख से अधिक बताई जाती है। किरेन रिजिजू ने लोकसभा में कहा कि अगर इन संपत्तियों का सही प्रबंधन किया जाए, तो न केवल मुस्लिम समुदाय का जीवन बेहतर होगा, बल्कि पूरे देश की तकदीर बदल सकती है।
आगे की राह
वक्फ (संशोधन) विधेयक को लेकर संसद में तीखी बहस जारी है। इसे पहले संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजा गया था, जिसकी सिफारिशों के आधार पर इसे अब लोकसभा में पेश किया गया है। विधेयक का नाम बदलकर “यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट एम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट (UMEED) बिल” कर दिया गया है, जिसे किरेन रिजिजू ने उम्मीद का प्रतीक बताया। हालांकि, विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार ने इस विधेयक को जल्दबाजी में पेश किया है और यह धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला है। इस प्रदर्शन और विधेयक को लेकर पश्चिम बंगाल में सियासी माहौल गरमाया हुआ है, और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बहस होने की संभावना है।