धनौरा में रविवार का दिन सिर्फ एक सामाजिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह दिन मानवीय सरोकार, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक बन गया। राधेश्याम सिंह मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से राजकीयकृत मध्य विद्यालय, धनौरा परिसर में कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां ठंड से जूझ रहे जरूरतमंदों के चेहरों पर राहत और सम्मान की मुस्कान देखने को मिली। यह आयोजन केवल सहायता वितरण नहीं, बल्कि समाज में न्याय, करुणा और सेवा के मूल्यों को मजबूती से स्थापित करने की पहल के रूप में सामने आया।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें न्यायपालिका और विधि जगत से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस सी.डी. सिंह और पटना हाईकोर्ट के जस्टिस राजीव राय ने अपने संबोधन में कहा कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है जब संस्थाएं और नागरिक जरूरतमंदों के साथ खड़े हों। उन्होंने सामाजिक संगठनों की भूमिका को लोकतंत्र की मजबूती से जोड़ते हुए इसे समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
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सेवानिवृत्त न्यायाधीश दिनेश सिंह ने कहा कि सेवा कार्य केवल दान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह समाज के कमजोर वर्ग को आत्मसम्मान और सुरक्षा की भावना भी देता है। इस मौके पर डॉ. शीला कौल सिंह और रंजना सिंह ने ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम सामाजिक एकजुटता को मजबूत करते हैं और नई पीढ़ी को सेवा की प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम में शैलेन्द्र प्रताप सिंह, पटना हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अंशुल, विंध्याचल सिंह, सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता मृगना शेखर सहित आरुषि सिंह, आदित्य सिंह और अक्षता सिंह की मौजूदगी ने आयोजन को और गरिमामय बना दिया। सभी अतिथियों ने एक स्वर में कहा कि राधेश्याम सिंह मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा यह कार्य समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


















