किसी ने कहा था कि बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी। आज लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा को लेकर भी यही होता हुआ भी दिखा। चर्चा की शुरुआत कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई से हुई। उन्होंने मणिपुर सहित कई मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की। इसके बाद भाजपा की तरफ से सांसद निशिकांत दुबे जवाब देने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कई तरह की बातों के जरिए विपक्षी दलों पर हमला बोला। चर्चा के दौरान उन्होंने I.N.D.I.A गठबंधन को लेकर भी सवाल खड़ा किया। JDU पर हमला बोलते हुए उन्होंने ये भी दावा कर दिया कि वो एक वक्त में जदयू को फंडिंग करते थे।
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JDU को फंडिंग करते थे निशिकांत दुबे
दरअसल भाजपा सांसद निशिकांत दुबे चर्चा के दौरान बारी बारी से I.N.D.I.A में शामिल दलों पर निशाना साधा। इसमें उन्होंने जदयू का नाम भी लिया। उन्होंने कहा कि “”2005 में जब जदयू की सरकार बनवाने के लिए रामविलास पासवान की जरुरत हुई तो दो बैठकें हुईं। पहली बैठक एक पत्रकार के आवास पर हुई। दूसरी बैठक मेरे घर पर हुई। मैं एक चीज और खुलासा करना चाहता हूँ कि उस वक्त जदयू को यदि सबसे ज्यादा किसी ने फंड कराया होगा तो उन पांच नामों में एक नाम मेरा भी है।”
ललन सिंह से पूछा सवाल
निशिकांत दुबे ने जदयू सांसद ललन सिंह की ओर इशारा करते हुए कहा कि ” ललन जी ज्यादा बताएंगे… आज जिसने लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव को डिप्टी सीएम बनाया ही वही कभी उनके विरोध में खड़े थे। लालू यादव के खिलाफ केस में ललन सिंह ही पिटीशनर थे। यहां कि कांग्रेस सरकार ने 1995 में लालू यादव को जेल के अंदर कर दिया था। इसलिए हमसे किस बात का विरोध है आपको, विरोध तो कांग्रेस से होना चाहिए।”
“सोनिया गांधी के दो काम- बेटे को सेट करना है और दामाद को भेंट करना“
निशिकांत दुबे ने कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने सीधा सोनिया गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “मुझे लगता है सोनिया जी और उनकी पार्टी की दो मनःस्थिति है। वो एक हिंदू सभ्यता संस्कृति में विश्वास कर रही हैं इसलिए औलौकिका पंडिता की तरह जो पूरा किताब में लिखा गया है कि क्या-क्या करना चाहिए एक भारतीय नारी को, उसका पूरा परिचय सोनिया गांधी जी दे रही हैं। उनको सिर्फ दो काम करना है बेटे को सेट करना है और दामाद को भेंट करना है।”




















