आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (एसजेएमसी) में गुरुवार को डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का स्क्रीनिंग किया गया। ये फिल्में एसजेएमसी के चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं द्वारा कोर्स एंड प्रोजेक्ट के तहत बनाई गई हैं। कुल सात फिल्मों का स्क्रीनिंग किया गया। सभी फिल्मों का निर्माण चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने किया है। मौके पर स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की सहायक प्राध्यापक डॉ. मनीषा प्रकाश, सेंटर फॉर ज्योग्राफिकल स्टडीज के सहायक प्राध्यापक डॉ. मनीष पराशर सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।
सात फिल्मों की स्क्रीनिंग की गई
आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय में जिन सात फिल्मों की स्क्रीनिंग की गई उनमें पहली ‘संजोये हुए पन्ने थी। यह डॉक्यूमेंट्री खुदा बख्श ओरिएंटल लाइब्रेरी के ऊपर आधारित है। वहीं ‘बोल-ऐ-चूड़ियां’ पटना के चूड़ी बाजार के ऊपर आधारित है। ‘आर्यभट्ट की राह पर’ फिल्म आर्यभट्ट सेंटर फॉर नैनो साइंस एंड नैनो टेक्नोलॉजी पर आधारित है; ‘उषा किरण खान: साहित्य का आंचलिक स्वर’ बिहार की मशहूर साहित्यकार उषा किरण खान के ऊपर आधारित है। अन्य फिल्मों में ‘रिडीम वाटर’ पानी की समस्या के विषय में है, ‘हम आग बुझाते हैं’ सड़क किनारे लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बनाकर जीवन यापन करने वाले एक दंपति की कहानी है तथा ‘बाबा नगरी (पहलेजा से गरीबनाथ)’ धार्मिक यात्रा पर आधारित है।




















