जातीय गणना के बाद नीतीश सरकार ने जातियों की आर्थिक स्थिति पर रिपोर्ट पेश की है। नीतीश सरकार ने इसी साल यह गणना कराई है। इस गणना के मुताबिक बिहार के सवर्णों में सबसे संपन्न जाति कायस्थ है। जबकि कायस्थों की आबादी बिहार में एक फीसदी भी नहीं बताई है। वहीं नीतीश सरकार की रिपोर्ट के अनुसार सवर्णों में सबसे गरीब भूमिहार हैं। जबकि गरीबी के मामले में सवर्णें में दूसरे नंबर पर ब्राह्मण और तीसरे नंबर पर राजपूत जाति के लोग हैं।
कायस्थों की आर्थिक स्थिति
- कुल परिवार : 1 लाख 70 हजार 985
- गरीब परिवार : 23 हजार 639
ब्राह्मणों की आर्थिक स्थिति
- कुल परिवार : 10 लाख 76 हजार 563
- गरीब परिवार : 2 लाख 72 हजार 576
राजपूतों की आर्थिक स्थिति
- कुल परिवार : 9 लाख 53 हजार 447
- गरीब परिवार : 2 लाख 37 हजार 412
भूमिहारों की आर्थिक स्थिति
- कुल परिवार : 8 लाख 38 हजार 447
- गरीब परिवार : 2 लाख 31 हजार 211
शेखों की आर्थिक स्थिति
- कुल परिवार : 10 लाख 38 हजार 88
- गरीब परिवार : 2 लाख 68 हजार 398




















