गुरुवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED Raids) ने कोलकाता और बिधाननगर में कई ठिकानों पर दबिश दी, जिनमें राजनीतिक सलाहकार प्रशांत किशोर की फर्म I-PAC से जुड़े दफ्तर और उसके अधिकारियों के आवास शामिल रहे। साल्ट लेक की एक ऊंची इमारत की 11वीं मंजिल पर स्थित I-PAC के ऑफिस, संगठन के कोलकाता प्रमुख प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट वाले घर और बुर्राबाजार के पोस्टा इलाके में एक व्यापारी के दफ्तर पर भी तलाशी कार्रवाई की गई।
केंद्रीय एजेंसी की इस कार्रवाई ने महज कुछ ही घंटों में राजनीतिक तापमान को चरम पर पहुंचा दिया। जैसे ही ED की टीम प्रतीक जैन के आवास पर मौजूद थी, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अचानक वहां पहुंच गईं। उनके हाथों में एक हरे रंग का फाइल कवर था और उन्होंने प्रेस के सामने आते हुए सीधे आरोप लगाया कि ED उनके पार्टी की अंदरूनी रणनीतियों और IT सेट-अप को निशाना बना रही है। ममता ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पार्टी के तकनीकी विभाग और उससे जुड़े लोगों पर रेड करके संवेदनशील जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रतीक जैन उनके संगठनात्मक प्रभारी हैं और उनसे जुड़ी फाइलें उनके पास सुरक्षित हैं।
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मुख्यमंत्री ने अपने बयान में केंद्र को घेरते हुए पूछा कि आखिर किसी राजनीतिक दल की नीतियों, उम्मीदवारों की सूची और डिजिटल रणनीति में ED जैसी एजेंसी की दिलचस्पी क्यों है। उन्होंने सीधे-सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर नाम लिए बिना हमला करते हुए कहा कि क्या यह ईडी और शासन का काम है कि वे विपक्षी दल की योजनाओं का ब्यौरा इकट्ठा करें। ममता ने यह भी टिप्पणी की कि अगर वे भी भाजपा के दफ्तर पर इसी तरह छापा मार दें तो इसका परिणाम क्या होगा।
मुख्यमंत्री के आने से पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा भी घटना स्थल पर पहुंचे और पूरे मसले ने कानून-व्यवस्था के स्तर को भी सुर्खियों में ला दिया। इस कार्रवाई को लेकर एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि छापेमारी 2021 में सामने आए कोयला तस्करी केस की लंबी जांच का हिस्सा है, जिसमें अब तक कई कारोबारी, राजनीतिक हस्तियां और कथित बिचौलिए शामिल बताए जाते रहे हैं। इस केस में तृणमूल कांग्रेस के शक्तिशाली नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी तक से CBI और ED कई बार पूछताछ कर चुकी हैं।






















