बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी घमासान जारी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव ने SIR को कथित तौर पर वोट चोरी का हथियार बताते हुए इसके खिलाफ वोटर अधिकार यात्रा कर रहे हैं। दूसरी ओर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची को शुद्ध करने की प्रक्रिया का बचाव करते हुए जनता से पांच सवाल पूछे हैं, जिससे आयोग और विपक्ष आमने-सामने आ गया है।
भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और वोटर लिस्ट अपडेटशन को लेकर देशवासियों से 5 सवाल पूछे हैं। साथ ही अपील की गई है कि अगर पांचों सवालों के जवाब में उत्तर हां होगा तो चुनाव आयोग को मतदाता सूची को शुद्ध करने के कठिन कार्य को सफल बनाने में देशवासी अपना योगदान दें। चुनाव आयोग ने देश के हर नागरिक से यह सवाल पूछे गए हैं और इनका जवाब देने को कहा गया है।
चुनाव आयोग ने ये 5 सवाल पूछे
- मतदाता सूची की गहन जांच होनी चहिए या नहीं?
- मरे हुए लोगों के नाम लिस्ट से हटाने चाहिए या नहीं?
- जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में 2 या अधिक जगह पर हैं, उनके नाम एक ही जगह पर होने चाहिए या नहीं?
- जो लोग दूसरी जगहों पर जा बसे हैं, उनके नाम मतदाता सूची से हटाने चाहिए या नहीं?
- विदेशियों के नाम मतदाना सूची से हटाने चाहिए या नहीं?
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बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के चुनाव आयोग विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कर रहा है। 24 जून 2025 को बिहार में SIR शुरू किया गया था, जिसका पहला चरण पूरा हो चुका है। चुनाव आयोग एक अगस्त 2025 को बिहार की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट भी जारी कर चुका है, जिसमें से 65 लाख वोटरों के नाम हटाए गए हैं, लेकिन RJD, कांग्रेस और INDIA ब्लॉक ने SIR के साथ-साथ ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर सवाल उठाए हैं। बिहार से दिल्ली तक विवाद गहराया हुआ है।






















