बिहार में बिजली की व्यवस्था नीतीश सरकार की उपलब्धियों में से एक रही है। नीतीश सरकार लगातार गुणगान करती रही है कि बिहार में बिजली की सुदृढ़ व्यवस्था उन्होंने की। पहले नीतीश कुमार लालटेन से एलईडी युग में लाने तक का श्रेय खुद को देते थे। लेकिन भाजपा कह रही है कि बिहार फिर से लालटेन युग में पहुंच गई है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि सीएम नीतीश कुमार एक कार्यक्रम में पहुंचे जहां उनके सामने ही 15 मिनट तक बत्ती गुल रही।
“लालटेन युग का लोकार्पण“

सीएम नीतीश कुमार के कार्यक्रम में बिजली गुल होने पर BJP ने तंज कसा है। भाजपा का कहना है कि राज्य में लालटेन युग का लोकार्पण हो गया है। सीएम नीतीश गुरुवार को पटना में राष्ट्रीय जूनियर बालिका कबड्डी चैंपियनशिप का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इसी दौरान कार्यक्रम स्थल पर बत्ती गुल हो गई। कुछ देर तक उन्हें अंधेरे में ही रहना पड़ा। इस दौरान डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव भी उनके साथ रहे।
विभाग का दावा, सेंटर से कम मिल रही बिजली
दूसरी ओर बिजली की कमी का ठीकरा बिहार सरकार का ऊर्जा विभाग केंद्र की मोदी सरकार पर फोड़ रहा है। विभाग के अनुसार, बिहार में सेंट्रल सेक्टर से बिजली की आपूर्ति कम होने से बीते कई दिनों से पावर कट का सामना करना पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 31 अगस्त को जहां 1200 मेगावाट कम बिजली मिली। तो 30 अगस्त को 1365 मेगावाट की किल्लत रही। इससे पहले 26 अगस्त को 1047 मेगावाट की किल्लत थी। वहीं, 27 से 29 अगस्त के बीच भी बिजली सप्लाई कम होने से कटौती का सामना करना पड़ा।




















