कोसी नदी पर निर्माणाधीन पुल गिरने के बाद विपक्ष एनडीए की सरकार पर हमलावर है नव निर्माण मंच के संस्थापक सह सहरसा के पूर्व विधायक किशोर कुमार ने सरकार पर हमला बोला है पूर्व विधायक किशोर कुमार ने कहा कि आकंठ भ्रष्टाचार और पुल टूटना ही मोदी की गारंटी है। लोकतंत्र को ताक पर रखने वाली एनडीए सरकार दूध की रखवाली बिल्ली को देकर न्याय की बात का प्रचार करती है। यानी जिस अधिकारी की वजह से बिहार में पुल टूटे हैं, उन्हें ही जांच अधिकारी बना देना, यह न्याय पर कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि सुपौल के बकौर में कोसी पर निर्माणाधीन पुल आज सुबह गिरने से एक मजदूर की मौत हुई है, 10 लोगों के घायल होने की सूचना पर घटना-स्थल पर पहुंच कर पुल का निरीक्षण किया।
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”स्थानीय प्रशासन ने मिलकर जनता की कमाई को लूटा है’
किशोर कुमार ने आगे कहा कि निर्माणकर्ता ने घोर भ्रष्टाचार कर गुणवत्ता का पालन हीं नहीं किया। लोगों ने शुरू में ही पुल के निर्माण की प्रक्रिया और गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे लेकिन निर्माता कंपनी और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर जनता की गाढ़ी कमाई को लूटने का काम किया। लोगों ने निर्माण के दौरान स्थानीय लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी थी, जिसका नतीजा आज सबके सामने है। केंद्र और बिहार सरकार की सभी योजनाओं में अकूत भ्रष्टाचार व्याप्त है। जो समय समय पर उजागर होते हैं।
पूर्व एमएलए ने कहा कि इससे पहले खगड़िया जिले के अगुवानी घाट में 2 बार पुल का गिर चुका है,कोई कार्यवाही नहीं हुई, उल्टे दोषी को जांच का जिम्मा दे दिया गया। सुपौल में भी यही होगा जांच एजेंसियां इन बड़े सूरमाओं का कुछ नहीं बिगाड़ पायेगा। इसके साथ ही उन्होंने उच्च स्तरीय जांच की हैं और कंपनी को ब्लैकलिस्टेड करने की भी मांग करते हैं। साथ ही इसमें मरने वाले मजदूर के परिजनों को एक करोड़ रूपया तथा घायल को दस लाख सरकार से देने का काम करे।




















