राज्य में खेती और किसानों से जुड़ी सरकारी योजनाओं को पारदर्शी, तेज और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। कृषि विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के संयुक्त प्रयास से चल रहे फार्मर रजिस्ट्री (Farmer Registry) महाअभियान के तीसरे चरण की अवधि अब बढ़ा दी गई है। यह राज्यव्यापी अभियान 2 फरवरी से 4 फरवरी 2026 तक संचालित होगा, जिसमें लाखों किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है।

सरकार के इस महाअभियान की निगरानी सीधे मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत कर रहे हैं। जिला, अनुमंडल, प्रखंड और पंचायत स्तर तक प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय है, ताकि कोई भी पात्र किसान पंजीकरण से वंचित न रह जाए। इस चरण में लगभग 50 लाख किसानों को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे सरकार कृषि सुधारों की रीढ़ मान रही है।
फार्मर रजिस्ट्री को केवल एक पंजीकरण प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों की डिजिटल पहचान के रूप में देखा जा रहा है। इस रजिस्ट्री के माध्यम से हर किसान को एक यूनिक डिजिटल आईडी मिलेगी, जो भविष्य में सभी सरकारी योजनाओं का प्रवेश द्वार बनेगी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, कृषि अनुदान, फसल क्षति पर मुआवजा जैसी योजनाओं का लाभ अब अलग-अलग दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की जगह एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से मिल सकेगा। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि जो किसान फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराएंगे, उन्हें आगे चलकर पीएम किसान जैसी योजनाओं से वंचित होना पड़ सकता है।

डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस की सोच को गांवों तक पहुंचाने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को बेहद सरल रखा गया है। किसान अपने पंचायत स्तर पर कृषि समन्वयक, किसान मित्र या राजस्व कर्मचारी से संपर्क कर फार्मर रजिस्ट्री करा सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध है। जो किसान तकनीक से परिचित हैं, वे सीधे पोर्टल के माध्यम से खुद भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और स्वयं के नाम से जमाबंदी जैसे सीमित दस्तावेजों की जरूरत होगी।
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किसानों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 8789578914 भी जारी किया है। किसान चाहें तो प्रखंड कृषि पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी या जिला कृषि पदाधिकारी से भी जानकारी और सहायता ले सकते हैं। सरकार का जोर इस बात पर है कि अभियान की बढ़ी हुई अवधि का अधिकतम लाभ उठाया जाए और हर योग्य किसान को डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जाए। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने किसानों से अपील की है कि वे 2 से 4 फरवरी के बीच अनिवार्य रूप से फार्मर रजिस्ट्री कराएं। उनका कहना है कि यह रजिस्ट्री सिर्फ आज की जरूरत नहीं, बल्कि भविष्य में किसानों को योजनाओं का समय पर और सही लाभ दिलाने की कुंजी है।





















