महागठबंधन पार्ट 2 की सरकार की किरकिरी करा चुके पूर्व मंत्री कार्तिक कुमार फिर विवादों में हैं। कार्तिक कुमार जिस मामले में कोर्ट में जमानत के लिए गए थे, उसी मामले में दबाव बनाकर मैनेज करने का आरोप लगा है। एक सितंबर को दानापुर कोर्ट से उनकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। लेकिन अभी तक उन्होंने सरेंडर नहीं किया है और न ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है। अब आरोप लगा है कि जिस बिल्डर राजू सिंह के अपहरण का आरोप है, उस पर केस मैनेज करने के लिए दबाव बना रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि मामले को रफा-दफा करा कर वे दुबारा मंत्री पद पाना चाहते हैं।
पत्नी ने लिखा चीफ जस्टिस को लेटर



बिहटा के जिस बिल्डर राजू सिंह के अपहरण मामले में कार्तिक कुमार पर केस दर्ज है, अब उसी की पत्नी दिव्या सिंह ने चीफ जस्टिस को लेटर लिखकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर दिव्या सिंह ने कहा है कि कार्तिक सिंह के लोगों ने जेल में राजू सिंह से मुलाकात की है। इसके बाद उन पर केस खत्म करने या समझौता करने का दबाव बनाया है। दिव्या ने अपनी जान पर भी खतरा बताया है और सुरक्षा मुहैया कराने की अपील की है।
कार्तिक को नहीं ढूंढ़ पाई पटना पुलिस
16 अगस्त को बिहार सरकार में मंत्री पद की शपथ लेने वाले कार्तिक कुमार अपने 16 दिनों के कार्यकाल में दो विभागों के मंत्री रहे। 29 अगस्त तक कार्तिक कुमार कानून मंत्री रहे। 30 अगस्त को कानून विभाग उनसे छीन कर गन्ना विभाग में उनका तबादला कर दिया गया। 31 अगस्त को कार्तिक कुमार ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद एक सितंबर को कार्तिक की जमानत याचिका खारिज हो गई। इसके बाद से गायब पूर्व मंत्री पटना पुलिस से नॉट रीचेबल हो चुके हैं। उनके मामले की अगली सुनवाई 14 सितंबर को होनी है।




















