केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (Giriraj Singh Big attack) ने देश की राजनीति के सबसे संवेदनशील मुद्दों पर एक के बाद एक तीखे बयान देकर सियासी हलचल बढ़ा दी। नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ दर्ज नए केस से लेकर मौलाना अरशद मदनी के विवादित जिहाद बयान और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के नए महुआ बाग बंगले तक—गिरिराज सिंह ने तीन अलग-अलग मोर्चों पर अपनी टिप्पणी रखकर राजनीतिक तापमान को गर्म कर दिया।
नेशनल हेराल्ड से जुड़ी ताज़ा कानूनी कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने साफ कहा कि कानून अपना रास्ता खुद तय करेगा और इस प्रक्रिया को राजनीतिक चश्मे से देखने की कोई जरूरत नहीं है। उनके अनुसार, अगर कोई दोषी है तो न्यायिक प्रक्रिया से बचना असंभव है। यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस इस मामले को राजनीतिक प्रतिशोध करार दे रही है और भाजपा इसे कानूनी कार्रवाई मानकर विपक्ष की आलोचना कर रही है।
मनोज झा ने NDA सरकार को चेताया- जनता पांच साल इंतज़ार नहीं करेगी !
इसके बाद गिरिराज सिंह ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी के उस बयान की तीखी आलोचना की जिसमें कहा गया था कि “अल्पसंख्यकों पर जुल्म होगा तो जिहाद पैदा होगा”। गिरिराज सिंह ने इस कथन को सामाजिक सौहार्द के खिलाफ बताते हुए कहा कि भारत का संविधान और कानून ऐसी शब्दावली को मान्यता नहीं देता। उनके अनुसार, मदनी जिस जिहाद की बात कर रहे हैं, वह कानून-व्यवस्था की कसौटी पर कत्लेआम जैसा अर्थ लिए होता है, जबकि भारत लोकतांत्रिक व्यवस्था वाला देश है जहां हर समस्या का समाधान संवैधानिक तरीकों से होता है।
तीसरा बड़ा हमला उन्होंने लालू प्रसाद यादव के उस नए बंगले पर बोला जिसकी तस्वीरें हाल ही में वायरल हुईं। गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि यह बंगला लालू यादव की भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्ति और वर्षों की “सियासी कमाई” का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति में लालू के नाम के आगे जो ‘छवि’ जुड़ी है, वही इस बंगले के रूप में दिखाई देती है।






















