बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह (Giriraj Singh Big Statement) ने इसे पार्टी के संगठनात्मक लोकतंत्र का सबसे बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की स्थापना के बाद यह पहला मौका है जब इतना बड़ा दायित्व बिहार को मिला है, जो राज्य के लिए गर्व की बात है। गिरिराज सिंह ने स्पष्ट किया कि नितिन नवीन को “जी जैन” जैसे संबोधनों में नहीं बांधा जाना चाहिए, बल्कि वह युवाओं में सबसे अधिक ऊर्जावान नेता हैं और पांच बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने उन्हें “जनरेशन जी” का प्रतीक बताया, जो नई पीढ़ी की राजनीति को दर्शाता है।
गिरिराज सिंह ने इस मौके पर कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी गांधी परिवार से बाहर नहीं निकल पाई है, जबकि बीजेपी ने यह साबित कर दिया है कि पोस्टर साटने वाला एक कार्यकर्ता भी राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे शीर्ष पद तक पहुंच सकता है। उनके मुताबिक यही बीजेपी और कांग्रेस के बीच बुनियादी फर्क है—एक ओर कार्यकर्ता आधारित पार्टी और दूसरी ओर परिवार आधारित राजनीति।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा दिए गए विवादित बयानों पर भी गिरिराज सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो लोग मोदी जी की “कब्र खोदने” की बात कर रहे हैं, उनकी पार्टी की राजनीतिक कब्र जनता पहले ही खोद चुकी है। गिरिराज सिंह के अनुसार कांग्रेस अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और देश की जनता इस तरह की भाषा और सोच को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
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राहुल गांधी के संसद में दिए गए बयान, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमित शाह घबरा गए हैं, इस पर गिरिराज सिंह ने इसे “थ्योरी और स्क्रिप्टेड राजनीति” करार दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कई मुद्दों पर बार-बार माफी मांग चुके हैं, चाहे वह राफेल हो या कोई और विषय। उनका आरोप था कि राहुल गांधी अक्सर लिखा हुआ पढ़ते हैं और विदेश जाकर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं।
बिहार की राजनीति में एक और अहम मुद्दे पर बोलते हुए गिरिराज सिंह ने गृह मंत्री सम्राट चौधरी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें लालू प्रसाद यादव की कथित अवैध संपत्तियों पर स्कूल खोलने की बात कही गई थी। गिरिराज सिंह ने कहा कि अगर अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियों का उपयोग शिक्षा जैसे जनहित के कार्यों में होता है, तो यह एक सकारात्मक और दूरदर्शी नीति मानी जानी चाहिए, चाहे वह संपत्ति किसी की भी हो।
धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर गिरिराज सिंह का बयान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। उन्होंने कहा कि बिहार में प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। उनके अनुसार गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को लालच देकर ईसाई बनाया जा रहा है और इसे रोकने के लिए सरकार को सख्त कानून लाना चाहिए। गिरिराज सिंह ने चेतावनी दी कि अगर समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो बिहार कहीं ‘दूसरा केरल’ न बन जाए। उन्होंने सरकार से अपील की कि पूरे राज्य में इस प्रवृत्ति पर सख्ती से कार्रवाई हो।






















